अब आगे का निर्णय उस पब्लिक के हाथो में है जो सबकुछ जानती है


आशुतोष रंजन
गढ़वा

गढ़वा जिला मुख्यालय में देर रात एक दुर्घटना होती है जिसमें सब्ज़ी बेचने वाली महिला गंभीर रूप से घायल हो जाती है,जिसे गंभीर हालत में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज़ के लिए रांची रेफर किया गया है,क्या है पूरा वाक्या आइए आपको बताते हैं।

बालू लदे ट्रैक्टर से हुई दुर्घटना : – जिला मुख्यालय के सहिजना रोड स्थित बाज़ार में सब्जी बेच रही टंडवा निवासी महिला को बालू लदे ट्रैक्टर द्वारा अनियंत्रित अवस्था में धक्का मारा गया जिससे वो पूरी तरह ज़ख्मी हो गई,आनन फानन में उसे सदर अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज़ के लिए रांची रेफर कर दिया गया।

ट्रैक्टर मालिक तो बेवजह बदनाम हो रहे हैं : – कोई घटना घटित हो या ना हो ऐसे भी आम दिनों में हम आप तो सीधे रूप में ट्रैक्टर मालिक को ही बालू के अवैध ढुलाई को ले कर दोषी मानते हैं,लेकिन कभी उसका दूसरा पक्ष देखना मुनासिब नहीं समझते,क्योंकि अगर सीधे रूप में वो ख़ुद से उठाव करते इसकी जानकारी किसी को नहीं होती,लेकिन यहां सरकार के नुमाइंदों एवं सरकारी को जानकारी होने की बात कौन करे जो सुनने में आता है की उठाव का सारा तय नामा ही वहीं होता है,तो उधर सरकारी कामों की चर्चा तो नहीं करेंगे क्योंकि सूत्र बताते हैं कि मुख्यालय में सारे सरकारी वैध काम अवैध बालू से ही पूरे कर लिए गए,तो कुछ अभी भी जारी हैं जहां आप बालू के ढेर को नज़र कर सकते हैं,लेकिन कई सरकारी निर्माण कार्य जहां एक ओर पूर्ण होने के बाद भी अपूर्ण हैं तो वहीं हाथी के दांत भी साबित हो रहे हैं,बानगी के तौर पर आप टाउन हॉल और फुटबॉल स्टेडियम को देख सकते हैं,तो उधर अगर आपको अपने घर का निर्माण ही करना है तो बालू कहां से लाइएगा,आप संपर्क तो उसी ट्रैक्टर मालिक से कीजिएगा जिसका रिश्ता बालू उठाव से है,उसे ही कहिएगा की मुझे भी बालू चाहिए,एक तरफ हम आप सरकार और सरकारी महकमा काम भी लीजिए और दूसरी ओर गाड़ी मालिक को दोषी भी ठहराइए,दोषी मानना ही है तो उस राजनीतिक व्यवस्था को मानिए जो देर शाम से देर रात तक इस अवैध कार्यों को ख़ुद मौजूद रह कर संरक्षण दिया करते हैं।