अब और कितना झुलसाओगे भगवन..?


आशुतोष रंजन
गढ़वा

झारखंड के गढ़वा में बारिश का हो जाना ऊपरवाले का करम माना जाता है,सो जब बारिश नहीं होती है तो गर्मी का सितम ही झेलना पड़ता है,इस साल के साथ साथ इधर कुछ दिनों से गर्मी कैसे झुलसा रही है शायद यह बताने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि आप सभी हर क्षण उससे दो चार हो रहे हैं,पल पल बढ़ता तापमान जान लेने पर आमादा है तभी इसी जिले में आज सैकड़ो चमगादड़ों की मौत हो गई।

सैकड़ो चमगादड़ों की मौत : – आप सबों को ज़रूर याद होगा कि गर्मी के मौसम में कैसे हम आप अपने बचपन में गांव में पेड़ के नीचे पूरा दिन गुज़ार दिया करते थे,वह पेड़ ही एक बड़ा सहारा हुआ करता था पर आज पेड़ भी जीवन नहीं बचा सका तभी तो सालों से पेड़ को आसरा बनाए चमगादड़ों की मौत उसी पेड़ पर हो गई,उक्त वाक्या कांडी थाना क्षेत्र के सोन तटीय गांव का है जहां एक पुराने पेड़ पर सैकड़ो चमगादड़ रहा करते थे,रोज़ वही पेड़ ही उनका बसेरा था,लेकिन जान लेने पर आमादा इस भीषण गर्मी ने उन्हें निगल लिया,किस रूप में गर्मी झुलसा रही है इसका अंदाज़ा लोगों को तब हुआ जब लोगों ने उक्त पेड़ से एक के बाद सैकड़ों चमगादड़ों को मर कर नीचे गिरते देखा,जहां एक तरफ़ लोग आवाक रह गए तो वहीं दूसरी ओर जानलेवा हो चुके मौसम के कारण दहशत में भी आ गए हैं।