एसपी की प्राथमिकता में शामिल है गढ़वा को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालना


आशुतोष रंजन
गढ़वा

झारखंड के गढ़वा को नक्सलियों से आज़ाद करा लेने के बाद अब पुलिस का पहला और अंतिम एक मात्र लक्ष्य है जिले को अपराध के साथ साथ नशा से मुक्त कराना,उसी दिशा में एसपी दीपक पांडेय के कुशल नेतृत्व में जिला पुलिस टीम वर्क के रूप में काम कर रही है,जिसमें अनवरत सफ़लता भी हासिल हो रही है,आज जो सफ़लता मिली वो अपने आप में बेहद ख़ास है,आख़िर कैसे और कैसी सफ़लता हासिल हुई आइए आपको इस ख़ास ख़बर के ज़रिए बताते हैं

हजारों भांजे को नशे का सौदागर बना चुकी है मामी : – आज की पुलिसिया सफ़लता के विषयक बताने से पहले उसी से जुड़ी एक जानकारी साझा करना चाहूंगा की बिहार झारखंड सहित कई राज्यों के युवाओं को नशा की लत लगाने एवं उसके अवैध कारोबार से जोड़ने में एक नाम जो बेहद प्रमुखता से लिया जाता है वो है मामी का जिसे नशे के कारोबार का किंगपिन कहा जाता है,जिसका क्षेत्र बिहार का सासाराम बताया जाता है,एक बड़े नेटवर्क की मुख्य कर्ताधर्ता मामी नामक महिला वहीं से नशे के कारोबार का संचालन करती है,जहां उसके इस अवैध धंधे से जुड़े युवक पहुंच उससे नशे के सामान का खेप ले कर ठिकाने तक पहुंचाने के साथ साथ उसकी बिक्री भी किया करते हैं,जैसा की समय समय पर झारखंड सहित अन्य राज्यों के जिलों की पुलिस द्वारा बताया जाता है की उक्त मामी नामक महिला द्वारा अब तलक हज़ारों युवकों को नशे का आदि बनाए जाने के साथ साथ नशे के सामान का तस्कर बनाया जा चुका है |

ऐसे हासिल हुई गढ़वा पुलिस को बड़ी सफ़लता: – अब आज गढ़वा पुलिस ने सफ़लता हासिल की है उस बावत आपको बताएं की एसपी दीपक पांडेय को एक गुप्त सूचना मिलती है की सासाराम से कुछ युवक एक कार से गढ़वा आए हैं और उनके द्वारा ब्राउन शुगर की बिक्री की जा रही है,सूचना के आलोक में एसपी द्वारा एसडीपीओ नीरज कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन करते हुए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया जाता है,निर्देश मिलते ही नीरज कुमार द्वारा टीम के साथ उस दिशा में जाया जाता है जिधर उनके होने की सूचना थी,जैसे ही टीम जिले के भरठिया महुंपी रोड में पहुंच चेकिंग लगाई ही थी की उसे एक काला और भूरा रंग का एक स्विफ्ट कार आता हुआ दिखाई दिया,अभी वो करीब पहुंचता और उसकी जांच होती की पुलिस को देख उन सबों द्वारा भागने का प्रयास किया गया,लेकिन वो सफ़ल नहीं हो सके और पकड़े गए,पकड़े जाने के बाद उक्त गाड़ी में सवार तीन युवकों की बारी बारी से तलाशी ली गई जिनके पास से 120 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया गया |

यही हैं नशे के वो सौदागर,जिनकी हुई है गिरफ़्तारी : – जिन तीन नशे के सौदागरों को गिरफ़्तार किया गया है उनमें दो गढ़वा से तो एक पलामू से ताल्लुक रखता है,जिनमें गढ़वा शहर के सोनपुरवा मोहल्ला निवासी शत्रुघ्न कुमार चौहान और पिंटू कुमार चौहान है तो उधर तीसरा पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिनामाड़ गांव निवासी अविनाश कुमार चंद्रवंशी है,जिनके द्वारा बहुत पहले से नशे के सामान की बिक्री का कारोबार किया जा रहा था,इनके विरुद्ध पूर्व से कई कांड दर्ज़ हैं,ये गढ़वा के साथ साथ पलामू लातेहार और गुमला जिले में भी अपना पांव पसार चुके थे |

एसपी की प्राथमिकता में शामिल है गढ़वा को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालना : – अपने कुशल नेतृत्व और अपनी सशक्त पुलिस टीम द्वारा जिले को अब अपराध और नशा से पूरी तरह मुक्त बनाने के अभियान में प्राणपन से जुटे एसपी दीपक पांडेय जहां एक ओर कंक्रीट होमवर्क करते हुए इस दिशा में कार्रवाई को अंजाम दिला रहे हैं,यह बड़ी सफ़लता उसी का एक हिस्सा है,आपको यहां बताएं की पूर्व में भी नशे के विरुद्ध कई कार्रवाई हुई है जिसमें सफ़लता हासिल हुई है,आज इस सफ़लता के बावत पत्रकारों से बात करते हुए उनके द्वारा कहा गया की गिरफ़्तार किए गए इन तीनों से गहन पूछताछ की जा रही है की ब्राउन शुगर की आख़िर इतनी बड़ी खेप यह खुदरा रूप में बिक्री करने के लिए लाए थे या किसी एक जगह ही खपाना था,साथ ही ये मात्र तीन ही हैं या नशे के इस कारोबार में जिले का कोई और जुड़ा हुआ है |

इसी टीम द्वारा हासिल की गई सफ़लता : – नशे के तीनों सौदागरों को गिरफ़्तार करने में एसडीपीओ नीरज कुमार के साथ साथ शहर थाना प्रभारी बृज कुमार,पुलिस अवर निरीक्षक सुभाष कुमार पासवान,शशि कुमार शर्मा एवं सहायक अवर निरीक्षक अभिमन्यु कुमार सिंह के साथ साथ आरक्षी अभय कुमार सिंह ने अपनी भूमिका निभाई |