व्यवसायी महिलाओं ने की गौ सेवा



आशुतोष रंजन
गढ़वा

पहले हम पत्रकार जब उससे जुड़ी ख़बर लिखा या बोला करते थे तो मन से बरबस यही पंक्ति बाहर आता था की ना चारा है न शाला,फिर काहे का नाम गौशाला,जी हां ऐसे ही करुण हालात में उक्त गौशाला था,जिसे पुरातन स्थिति में वापस लौटाने के लिए गौ प्रेमी द्वारा अनवरत पहल की गई तब जा कर वर्तमान गुजरते वक्त में गौशाला अपने पुराने स्वरूप में लौट रहा है,हम बात यहां बस पड़ाव के पास अवस्थित श्री कृष्ण गौशाला की कर रहे हैं।

पुराने स्वरूप में लौट रहा श्री कृष्ण गौशाला : – मुझे तो याद नहीं क्योंकि एक पत्रकार होने के नाते जब से मैं देखा तो उक्त गौशाला को बदहाल ही देखा,जीर्ण शीर्ण हो कर गिरते ढहते दीवार के साथ साथ उक्त गौशाला के कमरे को शराब की टूटी बोतलों से ही युक्त देखा,लेकिन लोग बताते हैं की जब इस गौशाला की शुरुआत हुई थी तो उस वक्त से ले कर आगे कई सालों तक गौशाला पूर्ण स्वरूप में था,जहां एक ओर बढ़िया भवन था वहीं वहां पर्याप्त संख्या में गाय की मौजूदगी और उनके लिए पर्याप्त चारा रहा करता था,लेकिन बाद में माकूल देख देख और संरक्षण बिना हालात बिगड़ता गया और गौशाला पूरी तरह बदहाल हो गया,पर इसकी बदहाली गौ प्रेमी को एक टीस देती रही तभी तो इसके हालात में सुधार के लिए आवाज़ उठता रहा,धीरे धीरे ही सही इस ओर सबका ध्यान गया और कल का बदहाल श्री कृष्ण गौशाला अपने पुराने स्वरूप में लौट रहा है।

व्यवसायी महिलाओं ने की गौ सेवा : – गौशाला को एक बार फिर से पुराने स्वरूप में वापस लाने की जद्दोजहद में जुटे लोग किस रूप में प्राणपन से मेहनत कर रहे हैं उसे नुमाया होते देखना हो तो सुबह शाम गौशाला का रुख कर लीजिए जहां वो गौशाला के साथ साथ गौ सेवा में आपको रत मिलेंगे,कोई भवन की सफ़ाई कर रहा है तो कोई गाय को नहला रहा है तो कोई उन्हें चारा खिला रहा है,जो भी उनके समर्पण को देख रहा है वो आकर्षित हुए बिना नहीं रह रहा है तभी तो कमलापुरी वैश्य समाज से जुड़ी व्यवसायी महिलाओं द्वारा जहां एक ओर गौशाला पहुंच वर्तमान हालात को नज़र किया गया तो वहीं चारा दान करने के साथ साथ गाय को चारा भी खिलाया गया,मौक़े पर उक्त सामाजिक महिलाओं द्वारा गौशाला के वर्तमान स्थिति की सराहना की गई साथ ही उनके द्वारा कहा गया की हर कोई जीवन जीने के लिए भागदौड़ में जुटा है लेकिन अपने व्यस्त समय में से सभी थोड़ा वक्त निकालें और गौशाला पहुंच गौ सेवा करें ताकि एक ओर पुण्य का भागी बनें वहीं सालो बाद जो श्री कृष्ण गौशाला अपने पुराने स्वरूप में आ रहा है वो जल्द से पूर्ण स्वरूप में आने के साथ साथ वजूद में बरकरार रह सके।

इन्होंने किया गौ सेवा : – गौशाला पहुंच गौ सेवा करने वालों में अध्यक्ष अर्चना लक्ष्मी,सचिव गीता कमलापुरी,मीना कमलापुरी,किरण कमलापुरी,कोषाध्यक्ष ज्योति गुप्ता एवं सदस्य नीतू गुप्ता,आरती गुप्ता,नीलम गुप्ता एवं वीणा गुप्ता का नाम शामिल है।