Bindash News || "नक्सलियों" के "मांद" से युवक ने किया बदलाव का "शंखनाद"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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"नक्सलियों" के "मांद" से युवक ने किया बदलाव का "शंखनाद"

Bindash News / 25-09-2018 / 984


आह्लादित हुईं एसपी दी बधाई
पूरा होगा तब अरमान,जब जीतू बनेगा हर नवजवान:एसपी शिवानी
 
आशुतोष रंजन
गढ़वा
 
होता जिसके हांथों विनाश आज हो रहा उस हांथ से विकास,जी हां हम बात कर रहे हैं एक ऐसे युवक की जिसने राह से भटकना नहीं बल्कि मुख्य राह के हमराह बनना स्वीकार किया और आज आलम है कि वह खुद से औरों की जीवन दशा सुधारते हुए एक बेहतर ज़िंदगी जी रहा है,कौन है वह और कैसे संवरा उसका जीवन जानने के लिए पढ़िए यह रिपोर्ट
 
जीत गया जीतू:- सार्थक हो गया अर्थ नाम का,जी हां गढ़वा जिला के बेहद नक्सल प्रभावित भंडरिया थाना क्षेत्र के बरकोल गांव निवासी एक मां बाप ने हालात से जितने की आस से अपने बेटे का नाम जीतू रखा,वह आस था नक्सलियों से मुक्ति पाते हुए एक अच्छी जिंदगी जीने का,जीतू के बचपन में तो उसके मां बाप ने उस पर नक्सलियों की छाया नहीं पड़ने दी,पर उसके बड़े होने के बाद नक्सलियों द्वारा उसे संगठन में चले आने की बात कही जाने लगी,लेकिन जहां एक तरफ उसके पिता ने इनकार किया वहीं बचपन से जवानी तक सीखते आ रहे सिख के कारण जीतू ने भी जाने से मनाही करते हुए सीधे रूप में कहा कि वह पढ़ रहा है और पढ़ कर कुछ करना चाहता है,जीतू ग़रीबी के आलम में भी पढ़ कर स्नातक तक कि पढ़ायी पूरी कर लेता है,फिर उसने रोजगार के रूप में एक ठौर की तलाश शुरू की,जो उसे इस रूप में मिली।
 
शौक़त और कैलाश ने पूरी की आस:- रोजगार पाने की उधेड़बुन में फंसे जीतू की इसी दरम्यान मुलाक़ात नक्सल अभियान में निकले सीआरपीएफ के गढ़वा कमांडेंट कैलाश आर्या से होती है और उनके द्वारा उसे रोजगार उपलब्ध कराने की बात कहते हुए उसे और उसके साथ उसके और मित्रों को गढ़वा ले लाया जाता है,जहां उन्हें तकनीकी रूप से सबल बनाने के उद्देश्य से मुख्यालय स्थित समाजसेवी शौक़त खान के बजाज़ मोटरसाइकल के शो रूम में उन्हें मोटर मैकेनिक का निःशुल्क प्रशिक्षण दिलाया जाता है,जहां वो प्रशिक्षण पा कर तकनीकी ज्ञान के जानकार हो जाते हैं,जीतू के और साथी तो कहीं कहीं उसी मैकेनिक वाले कार्यों में जुट जाते हैं,लेकिन जीतू को यह गंवारा नहीं हुआ वह तो और आगे जाने की इक्षा पाले हुए था सो पुलिस अधिकारियों की मदद से वह आगे की पढ़ायी जारी रखता है,जिसका परिणाम होता है कि वह अपने मन की पा लेता है।
 
कर रहा कॉर्डिनेट:- जीतू बन गया कॉर्डिनेटर,कर रहा लोगों को कॉर्डिनेट,जी हां हुनरमंद होने के बाद भी एक मैकेनिक बन कर नहीं रह जाने और आगे बढ़ कर कुछ पाने की चाह रखने वाले जीतू ने आख़िरकार मैदान जीत ही लिया और वह पढ़ायी पूरी करने के साथ साथ अहर्ता पूरी करते हुए प्रखंड कॉर्डिनेटर के पद पर आसीन हो गया,कल जहां अगर वह नक्सली बनता और उसके हांथ से विध्वंस होता आज उसके उसी हांथ से प्रतिरोज सैकड़ो लोगों का विकास हो रहा है,फ़िल्वक्त जीतू गढ़वा जिला के रमकंडा प्रखंड कार्यालय में कार्यरत रहते हुए लोगों को गलत राह पर नहीं जाने और मुख्य राह के हमराह बने रहने की सिख दे रहा है।
 
आह्लादित हुईं एसपी,दी बधाई:- गढ़वा जिले से नक्सलियों के समूल ख़ात्मा का संकल्प ले अभियान में जुटीं एसपी शिवानी तिवारी से मिलने की चाह लिए गढ़वा पहुंचे जीतू को जितनी खुशी एसपी से मिल कर हुई उससे कहीं ज़्यादा आह्लादित एसपी उससे मिल कर हुईं,उसने जैसे ही बताया कि नक्सलियों के मांद में रहते हुए उसने बदलाव का शंखनाद किया है,इतना सुनते ही एसपी द्वारा जीतू से हांथ मिलाते हुए उसे बधाई दी गयी,साथ ही एसपी ने उसकी बहादुरी की दाद देते हुए कहा कि आपने एक बहुत बड़े बदलाव वाला काम किया है,अब आप एक ऐसे जगह पर हैं जहां प्रतिरोज़ सैकड़ो लोग वैसे ही इलाके से आया करते हैं जो उनसे यानी नक्सलियों से प्रभावित हैं,अब यहां आपकी जिम्मेवारी बनती है कि उन्हें समझा बुझा कर जागरूक करें और साथ ही कोशिश यही करें कि उस इलाके का केवल एक नहीं बल्कि हर युवक जीतू बने।
 
 

 

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