Bindash News || जेल से निकला "कैदी",मंदिर में बना "दूल्हा" और हो गयी शादी
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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जेल से निकला "कैदी",मंदिर में बना "दूल्हा" और हो गयी शादी

Bindash News / 30-10-2018 / 1758


बेटे ने देखा मां-बापू की शादी

 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा
 
वह जेल से तो निकला एक कैदी के रूप में लेकिन मंदिर पहुंचते ही बन गया दूल्हा,और हो गयी शादी,जी हां आज गढ़वा में कुछ ऐसा ही हुआ जहां न्यायालय से मिले आदेश के आलोक में एक कैदी की शादी करायी गयी,क्या है पूरी ख़बर जानने के लिए तस्वीर के जरिये देखिये एक विवाह ऐसा भी को परिभाषित करती यह रिपोर्ट-
 
पहले इक़रार फिर इनकार:- आज हुई शादी के बाबत बताने से पहले आपको इसके पीछे की कहानी बताते हैं,हंथकड़ी में जकड़ा जेल से निकलता यह है रंका थाना क्षेत्र निवासी वीरेंद्र राम जिसे अपने ही गांव की लड़की रूबी से मोहब्बत हो जाता है,दोनो साथ जीने मरने की कसमें खा कर ज़्यादा वक्त साथ गुजारने लगते हैं,इसी बीच इनके बीच कई बार शारीरिक संबंध भी स्थापित हो जाता है,जिसकी निशानी रूबी के पेट में पलने लगता है,ऐसी स्थिति में प्रेमिका रूबी अपने प्रेमी वीरेंद्र को शादी करने को कहती है,लेकिन तब जवाब सुन कर रूबी के पैरों तले जमीन खिसक जाता है जब प्रेमी शादी से इनकार कर देता है।
 
प्रेमिका ने नहीं माना हार,उसे तो प्रेमी को पाना ही था स्वीकार:- रूबी को हार मानना गंवारा नहीं था सो लाख दवाब के बाद भी उसने बच्चे को जन्म देने का ठाना और वीरेंद्र ही है इसका पिता पहचान दिलाने की जिद्द पर अड़ गयी, इधर मामला थाना पहुंचा और शारीरिक शोषण के जुर्म में प्रेमी वीरेंद्र जेल चला गया,उधर समय बीतता गया और प्रेमिका रूबी ने एक बेटे को जन्म दिया,फिर शुरू होती है खुद के लिए पति और बेटे के लिए बाप के रूप में वीरेंद्र को पाने की जद्दोजहद,सो एक बार फिर मामला प्रशासन के पास पहुंचा तो पुलिस प्रशासन द्वारा दोनो पक्षों से बात कर मध्यस्थता करते हुए दोनो की शादी कराने का निर्णय लिया गया और इस बाबत न्यायालय में अर्जी दाख़िल हुआ,जिसे न्यायालय द्वारा स्वीकार किया गया न्यायालय ने दिया शादी का आदेश ।
 
कल टूटा था बंधन,आज हुआ गठबंधन:- कब के बिछड़े हुए आज एक दूजे के हुए,जी हां एक दूसरे से बेइंतहां मोहब्ब्त कर एक दूजे में खो जाने वाले और फ़िर आये एक बवंडर में जुदा हो जाने वाले प्रेमी वीरेंद्र और प्रेमिका रूबी आज शादी के बंधन में बंध गए,न्यायालय से मिले आदेश के बाद प्रशासन की मौजूदगी के बीच गढ़वा मुख्यालय में अवस्थित प्रसिद्ध गढ़देवी मंदिर में शादी संपन्न करायी गयी,हंथकड़ी पहने हांथों से प्रेमी ने अपनी प्रेमिका को वरमाला पहना और सिंदूर दे कर अपना जीवनसाथी बना लिया।
 
बेटे ने देखा मां-बापू की शादी:- बच्चे मां बाप का शादी सालगिरह देखते हैं और उसमें शामिल होते हैं,लेकिन ऐसा शायद ही कभी हुआ होगा की कोई बच्चा मां-बापू की शादी में शरीक हुआ हो,लेकिन इस अनोखे विवाह में वह भी हुआ जब बेटे ने देखा होते मां-बापू की शादी,जहां एक तरफ़ प्रशासनिक अधिकारी और मौजूद लोग विवाह के साक्षी बने वहीं दूसरी ओर बेटा अंश भी मां बाप के शादी का गवाह बना,उधर शादी के बाबत मंदिर के पुजारी राजन पांडेय द्वारा भी बताया गया,साथ ही विवाह का प्रमाण पत्र के साथ साथ उपहार दे कर बधाई देने वाले अंचलाधिकारी वैद्यनाथ कामती और आदर्श विवाह के पदाधिकारी विजय केशरी ने ने कहा कि दो ज़िंदगी को बचाने के लिहाज़ से शादी कराना बेहद जरूरी था,सो न्यायालय से मिले आदेश के बाद दोनों की आज शादी करा दी गयी।
 
सच कहा गया है कि मोहब्ब्त में अक्सर लड़ायी हुई है,लेकिन ना कभी भी जुदायी हुई है,जी हां आज दो बिछड़े प्रेमी के शादी के बंधन में बंध कर एक हो जाने से तो यही परिलक्षित हुआ,अब जहां एक तरफ़ प्रेमिका को पति मिला वहीं बेटे को मिला उसके पिता का नाम।
 
 

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