Bindash News || "हड़ताल" पर गए "पारा",बच्चे हुए "बेचारा"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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"हड़ताल" पर गए "पारा",बच्चे हुए "बेचारा"

Bindash News / 22-11-2018 / 1403


कैसे गड़ेगा शिक्षा अभियान का झंडा,बच्चों के हांथों में आया "गिल्ली-डंडा"

 
खुशहाल होगा आपका आलय,लौट आइये आप विद्यालय:डीसी
 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा
 
हड़ताल पर गए पारा,बच्चे हुए बेचारा,जी हां पिटायी के विरोध में पारा शिक्षकों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने के कारण वैसे सभी स्कूल बंद हो गए हैं जो पारा शिक्षकों के भरोसे संचालित होते थे,नतीजा है कि बच्चे एकाएक पढ़ायी से वंचित हो गए हैं,आइये पढ़िए इसी से जुड़ी एक रिपोर्ट
बच्चों का छूट गया स्कूल:- बच्चों को शिक्षित करने के लिए खुद को प्रतिबद्ध बताते हुए सरकार और प्रशासन की ओर से यह कोशिश की जाती है कि ना हो कोई ऐसी भूल की बच्चों का छूट जाए स्कूल,लेकिन विडंबना देखिये भूल तो हो गयी,बच्चों को शिक्षित करने के उद्देश्य से एक तरफ जागरूक करने के लिए एक भी बच्चा छूटे ना,शिक्षा का क्रम टूटे ना,ऐसे कई नारे जरूर बुलंद किये जा रहे हों लेकिन आज उन्हीं बच्चों से पढ़ायी दूर हो गयी है कारण की उनके स्कूल में हड़ताल के कारण ताला जो लटका पड़ा है,आलम है कि खेल-खेल के बावजूद समय पर स्कूल पहुंच पढ़ने वाले बच्चे आज पूरी तरह से खेलने में रम गए हैं,कुछ बच्चे प्रतिरोज स्कूल इस आस में पहुंच जा रहे हैं कि काश आज उनके स्कूल का बंद ताला खुल जाए और पढ़ायी शुरू हो जाये लेकिन वह भी रोज मायुष हो घर को लौट जा रहे हैं,उनका बालमन पढ़ने को लालायित है लेकिन वो पढ़ें तो कैसे और कहां पढ़ें।
 
क्या करें अभिभावक:- उधर मेहनत मजदूरी कर लाख ग़रीबी के बाद भी बच्चों को पढ़ाने की दिली इक्षा रखने वाले अभिभावक भी आज पूरी तरह लाचार हो गए हैं,क्योंकि कल तक एक निश्चित समय पर स्कूल जा कर पढ़ने वाले बच्चे आज उनके आंखों के सामने ही खेल रहे हैं,एक कसक के साथ अभिभावक कहते हैं कि स्कूल तो बंद हो गया अब उनके बच्चों के भविष्य का क्या होगा ?
बच्चों के हांथों में आया गिल्ली-डंडा:- कैसे गड़ेगा शिक्षा अभियान का झंडा,क्योंकि बच्चों के हांथों में आया गिल्ली-डंडा",जी हां कहने का मतलब है कि जो बच्चे स्कूल में पढ़ायी के बाद खेला करते थे आज आलम है कि वह स्कूल के पास से पढ़ने के समय में ही गिल्ली-डंडा खेलने में मशगूल हैं,क्योंकि स्कूल तो है लेकिन बिना किसी अवकाश के उनके स्कूल में ताला लटका हुआ है,कारण की उनके गुरुजी हड़ताल पर चले गए हैं,और यह हालात तब है जब सरकार शिक्षा अभियान के तहत अरबों खर्च कर बच्चों को स्कूल से जोड़े रखने और उन्हें शिक्षित रखने का अभियान चला रही है लेकिन उस अभियान को धरातल पर मक़ाम देने वाले शिक्षकों को उचित पारिश्रमिक देने से कतरा रही है,नतीजा है कि आज सालों से मांग करने के बाद भी सरकार द्वारा नहीं सुने जाने के बाद पारा शिक्षकों ने आर पार की लड़ायी की शुरुआत कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं जिसका परिणाम है कि किसी तरह स्कूल से जुड़ने वाले बच्चों का स्कूल से दुराव हो गया है।
लौट आइये आप विद्यालय:- खुशहाल होगा आपका आलय,लौट आइये आप विद्यालय",जी हां जिले के उपायुक्त हर्ष मंगला ने विषय की गंभीरता को समझते हुए हड़ताल पर गए पारा शिक्षकों को स्कूल में लौट आने की ताक़ीद की है,साथ ही कहा कि अगर वो एक निश्चित समय पर हड़ताल से वापस नहीं लौटते हैं तो सरकार से जो निर्देश प्राप्त होगा उसके अनुरूप कार्रवाई होगी।
 
एक तरफ़ अनिश्चितकालीन हड़ताल कर स्कूल में ना लौटने की जिद्द पर कायम पारा शिक्षक,तो दूसरी ओर एन सालाना परीक्षा के पहले पढ़ायी से वंचित बच्चे,उधर हड़ताल छोड़ लौट आने की बात कहते हुए कार्रवाई करने की भी चेतावनी देते जिलाधिकारी,ऐसे में अब बच्चों के गीली डंडा वाले हांथों में फिर से कब तलक क़िताब आ पाता है यह देखने वाली बात होगी।
 
 

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