Bindash News || आज ग्रामीण हुए बड़े "ख़ुशहाल", जब "डीसी-एसपी" ने ओढ़ लिया, उनका बनाया हुआ "शाल"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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आज ग्रामीण हुए बड़े "ख़ुशहाल", जब "डीसी-एसपी" ने ओढ़ लिया, उनका बनाया हुआ "शाल"

Bindash News / 29-11-2018 / 1057


गढ़वा प्रशासन कर रहा प्रयास,हो रही पूरी विकास की आस
 

आशुतोष रंजन
गढ़वा
 
एक ऐसा गांव जिसे कल नक्सलियों का गांव कहा जाता था,जहां रात के अंधेरे में कौन कहे दिन के उजाले में नक्सलियों की आवक हुआ करती थी,जहां के लिए विकास दिवास्वप्न बन चुका था,लेकिन वही गांव आज विकास की राह पर चल पड़ा है,और यह सब संभव हुआ है जिला प्रशासन के दिली प्रयास से,हम बात कर रहे हैं गढ़वा जिले के बेहद नक्सल प्रभावित प्रखंड भंडरिया के हेसातु गांव की,किस प्रकार की पहल किया है प्रशासन और कैसे बदल रहा है गांव जानने के लिए पढ़िए यह खास रिपोर्ट-
 
धो रहे कलंक:- कहलाने को निष्कलंक,धो रहे कलंक",जी हां नक्सली का गांव और खुद पर लगे नक्सली के सहयोगी होने का कलंक धोने में जुटे हेसातु गांव के लोग,गढ़वा जिला प्रशासन द्वारा गांव को बदल डालने की कोशिश क्या की गयी ग्रामीणों ने उस कोशिश की सराहना करने के साथ साथ प्रशासन के प्रयास को हांथोहाँथ लिया और प्रशासनिक अधिकारियों के कदम से हमक़दम हो विकास पाने को आगे बढ़ चले,जिसका आलम है कि जो गांव कल तक विकास से कोसो दूर था आज वह धीरे धीरे नहीं बल्कि तेजी से उसके नज़दीक आने लगा यानी विकसित होने लगा अविकसित गांव।
 
पहले बनी सड़क,और बढ़ चला विकास
:- जहां ख़त्म हो चुकी थी आस,लेकिन प्रशासनिक पहल से बनी सड़क,और बढ़ चला विकास",हम बात उसी हेसातु गांव की कर रहे हैं जहां के लोगों की दिलों से विकास की आस ख़त्म सी हो चुकी थी,लेकिन प्रशासनिक प्रयास से उनमें विकास की आस जागृत हो गयी,कल जहां लोगों को एक अदद सड़क की जगह पगडंडी नसीब थी आज आलम है कि वह एक बेहतर सड़क से गुजर रहे हैं,वहीं उसी सड़क से गांव तक अन्य विकास योजनाएं पहुंच रही हैं और गांव विकासशील हो रहा है।
 
आज पी रहे साफ पानी:- कल जो पीते थे गंदा जल,आज पी रहे साफ पानी",आज भले लोगों के हलक पानी से तर हो रहे हों लेकिन इससे पहले का वक्त ऐसा भी था कि लोगों को अपने सूखते हलक को भिंगोने के लिए चापानल नहीं बल्कि नाले का गंदा पानी ही सहारा था,लेकिन आज गढ़वा जिला प्रशासन द्वारा लगवाए गए चापानल से लोग साफ पानी पी रहे हैं।
 
आज उनके बन रहे घर:- थे जो कल तलक बेघर,आज उनके बन रहे घर",जी हां विकास से बहुत दूर हेसातु गांव के लोग खुद के लिए एक अदद आशियाने से भी कोसो दूर थे,यानी जिनके लिए एक महफ़ूज घर दिन में देखा जाने वाला ख़्वाब था,लेकिन गढ़वा जिला प्रशासन द्वारा बनवाये जा रहे सरकारी आवास से लोगों का घर के लिए देखा जाने वाला ख़्वाब हक़ीक़त हो चला है।

बेरोजगार को मिल रहा रोज़गार
:- कल तक जो थे बेरोजगार,आज कर रहे स्वरोजगार",जो नक्सल प्रभावित इलाक़ा हो,जहां कोई विकास नहीं पहुंचा हो,वहां लोगों का बेक़ाम होना कोई नयी बात नहीं,जी हां हेसातु गांव के जो ग्रामीण कल तक बेरोजगार थे आज प्रशासनिक प्रयास से स्वरोजगार करते हुए खुद के पैरों पर खड़े हो कर बढ़िया उपार्जन कर रहे हैं,जिसका सुखद परिणाम है कि जिन्हें थे खाने के लाले उन्हें अब मिल रहे निवाले।

जब डीसी-एसपी ने ओढ़ लिया शाल:- आज ग्रामीण हुए बड़े खुशहाल,जब डीसी-एसपी ने ओढ़ लिया,उनका बनाया हुआ शाल",जी हां गांव में चल रहे विकास कार्यों का जायज़ा लेने आज गढ़वा डीसी हर्ष मंगला और एसपी शिवानी तिवारी हेसातु पहुंचे जहां एक तरफ कार्यान्वित हो रहे विकास योजनाओं का हाल जाना गया वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किये जा रहे स्वरोजगार को नजर किया गया,पहले जहां गांव पहुंचने पर अधिकारियों का पारंपरिक रीति रिवाज़ के साथ स्वागत किया गया,वहीं खुद के द्वारा तैयार किया हुआ शाल भी अधिकारियों को प्रदान किया गया।
 
बड़े हर्षित हैं लोग:- हर्ष के प्रयास से बड़े हर्षित हैं लोग",हम बात कर रहे हैं गढ़वा उपायुक्त हर्ष मंगला की,उपायुक्त के रूप में जिले में पदस्थापना के साथ ही गढ़वा को विकास के पथ पर अग्रसर करने वाले उपायुक्त कितने सहृदयी हैं यह आज उस वक्त परिलक्षित हो गया जब विकास का जायज़ा लेने हेसातु गांव पहुंचे डीसी हर्ष मंगला द्वारा जहां एक तरफ स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं के कार्यों को सराहा गया,वहीं समूह की महिलाओं द्वारा खुद से बनाये गए शाल दिए जाने के बाद डीसी ने उन्हें जब और ऐसे शाल बनाने की बात कही तो महिलाओं ने कच्चा माल नहीं होने की बात कही तब तुरंत उपायुक्त द्वारा खुद के पॉकेट से चार हजार रुपया दिया गया ताकि वो शाल तैयार कर सकें,साथ ही मौके पर उपायुक्त द्वारा ग्रामीणों को साफ पानी के लिए कई चापानल स्वीकृत किये गए वहीं सिचाई के लिए डीप बोरिंग की भी मंजूरी दी गयी,साथ ही एक अन्य समूह की महिलाओं को उच्च विद्यालय के बच्चों के लिए 100 स्कूल ड्रेस तैयार करने को कहा गया जिसका भुगतान चार सौ रुपये प्रति छात्र किया जाएगा,डीसी ने ग्रामीणों से कहा कि अब गांव को हर दृष्टिकोण से विकसित किया जा रहा है इसलिए नकारात्मक भाव को बिल्कुल मन में ना आने दें जिससे भटकाव हो,सकारात्मकता के साथ सहयोग करते हुए गांव के साथ साथ खुद को विकसित करें और एक सुखद जिंदगी व्यतीत करें।

शिवानी की सह से देंगें पुरातन व्यवस्था को मात:- ग्रामीणों ने कर लिया मन में आत्मसात,शिवानी की सह से देंगें पुरातन व्यवस्था को मात,जी हां नक्सली ख़ात्मा का संकल्प ले लगातार अभियानरत गढ़वा एसपी शिवानी तिवारी द्वारा ग्रामीणों को जागरुक किया गया,साथ ही एसपी ने कहा कि आपको प्रशासन के कदम से हमक़दम हो विकास की राह पर चलना है और अपने गांव को एक आदर्श गांव के रूप में स्थापित करना है,उधर ग्रामीणों ने भी एक स्वर से कहा कि हमने कर लिया है दिल में सभी बातों को आत्मसात,मैडम शिवानी की सह से देंगें पुरातनी व्यवस्था को मात।
 
ये भी रहे मौजूद:- आज हेसातु गांव पहुंच विकास कार्यों का जायजा लेने के साथ साथ प्रशासन के सहयोग से स्वरोजगार कर रहे ग्रामीणों का हौसला अफ़जाई करने पहुंचे उपायुक्त और एसपी के साथ एएसपी सदन कुमार और रंका एसडीओ संजय पांडेय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
 
 

 

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