Bindash News || भला "विकास" कैसे पकड़ेगा राह, जहां "प्रशासन" कर दे "राज्यपाल" को ही "गुमराह"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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भला "विकास" कैसे पकड़ेगा राह, जहां "प्रशासन" कर दे "राज्यपाल" को ही "गुमराह"

Bindash News / 14-12-2018 / 914


एक वाक़्या जो शर्मनाक है


आशुतोष रंजन
गढ़वा

भला कैसे विकास पकड़ सकता है सही राह,जहां प्रशासन कर दे राज्यपाल को ही गुमराह,जी हां यह कोई जुमला मात्र नहीं बल्कि गढ़वा में घटित हुआ एक वाक़्या है जहां जिला प्रशासन द्वारा राज्य के राज्यपाल को ही गुमराह कर दिया गया,क्या है पूरी खबर जानने के लिए आइये पढ़िए यह ख़ास रिपोर्ट-

आइये कराते हैं आपको वाक़िफ़:- हैं आप नावाक़िफ़ तो आइए कराते हैं आपको वाक़िफ़",आप वाकिफ़ होना चाहते होंगें की आखिर कैसे राज्यपाल को ग़ुमराह कर दिया गया तो आपको बताएं कि पिछले दिनों गढ़वा जिले के वंशीधर नगर अनुमंडल मुख्यालय में वंशीधर महोत्सव का आयोजन किया गया था उसी महोत्सव का आग़ाज़ करने झारखंड की राज्यपाल महोत्सव में पहुंची थीं,उसी दौरान उन्होंने मुख्यालय में ही अवस्थित अनुसूचित जाति छात्रावास में जाने की इक्षा ज़ाहिर की,जिला प्रशासन द्वारा उन्हें वहां ले जाया गया लेकिन इससे पूर्व व्यवस्था विहीन छात्रावास को आनन फानन में एक सुव्यवस्थित छात्रावास का स्वरूप दिया गया,लेकिन बाद कि बात कौन करे राज्यपाल के निरीक्षण के वक्त भी कमी जाहिर हो ही गयी,जहां बच्चों ने बताया कि सुविधा के नाम भारी कमी से वो जूझ रहे हैं,लेकिन हमारी सुनने वाला कोई नहीं है।

लाये गए दूसरे स्कूल से बच्चे:-ना हो अव्यवस्था और छात्र नहीं रहने के चर्चे,इस ख़ातिर दूसरे स्कूल से लाये गए बच्चे",जी हां राज्यपाल के निरीक्षण के वक्त जो बातें सामने आयी थी उसे अभी परे रखें तो जो सच्चाई अब सामने आयी है वह चौकाने वाली हैं क्योंकि व्यवस्था नदारद छात्रावास से बच्चों के दूर रहने के कारण राज्यपाल को बच्चे मौजूद दिखें इस ख़ातिर दूसरे स्कूल से बच्चों को ला कर निरीक्षण के वक्त छात्रावास में रखा गया,और जैसे ही राज्यपाल वहां से रुख्शत हुईं उन बच्चों को भी वहां से हटा दिया गया,इसका ख़ुलाशा खुद बच्चे कर रहे हैं,तो इस तरह अपनी लाज बचाने के लिए जिला प्रशासन ने राज्यपाल को ग़ुमराह कर दिया।

वार्डेन ने कर दिया इनकार:-भला कैसे करे अपनी नाकामी को स्वीकार,वार्डेन ने कर दिया कुछ भी बताने से इनकार,उधर इस बावत हमने जब छात्रावास के वार्डेन से पूछा तो वह कुछ भी बोलने से इनकार किया।

कह रहे करेंगें जांच:- दूसरी ओर जिला के वरीय अधिकारी इस बावत अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहते हैं कि अब जानकारी हुई है तो मामले की जांच करने के साथ साथ दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।

सरकार के मानिंद ज़बान से विकास का दावा दुहराते नहीं थकने वाला सरकारी महकमे का यह कृत्य केवल शर्मनाक ही नहीं बल्कि उसके नियत को परिलक्षित करने के लिए काफ़ी है,अब क्या जांच और कार्रवाई हो पाता है यह तो भविष्य के गर्त में ही है ?

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