Bindash News || "मामी" की "नशा" से बहक रहे "भांजे"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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"मामी" की "नशा" से बहक रहे "भांजे"

Bindash News / 22-12-2018 / 2474


“पुलिस के लिए चुनौती बनी मामी”
“देने मामी को मात,पुलिस हर बार बिछाती है बिसात”

आशुतोष रंजन
गढ़वा

नशा मामी का,बहक रहे भांजे, हमारे इस लाइन से आप गलत अर्थ मत निकालिएगा, दरअसल हम उस महिला के बारे में बात कर रहे हैं जिसे नशे के कारोबार का माफ़िया कहा जाता है जिसे कारोबार में शामिल लोग मामी के नाम से बुलाया करते हैं,बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों में लोगों को खुद के नशे से बहकाते हुए नशा का आदि बनाने वाली वह मामी आज पुलिस के लिए चुनौती बन गयी है,कहां की है मामी और किस तरह होता है उसके नशे का कारोबार,जानने के लिए पढ़िए यह ख़ास रिपोर्ट-

पहले खुद की वर्क,आज बड़ा है नेटवर्क:- नशे की दुनिया में मामी के नाम से जानी जाने वाली महिला का रिश्ता बिहार से है क्योंकि वह रोहतास जिला के सासाराम की रहने वाली है,कालांतर में इस कारोबार से खुद जुड़ कर इस धंधे को शुरू करने वाली मामी के आज खुद का नेटवर्क है,सासाराम से शुरू होने वाला उसका कारोबार आज पूरे बिहार सहित पड़ोसी राज्य झारखंड के साथ साथ कई राज्यों में फैला हुआ है।

बड़ी पहुंच रखती है मामी:काफी अरसे से हेरोइन बेचने का धंधा राज्य स्तर पर करने वाली मामी के बारे में सूत्रों का कहना है कि वह बड़े ओहदेदारों तक पहुंच रखती है,जिसका आलम है कि लाख प्रयास के बाद भी उस तक प्रशासन का पहुंच पाना संभव नहीं हो पाता क्योंकि प्रशासन के उस तक पहुंचने से पहले ही उसे जानकारी हो जाती है,जिसका नतीजा है कि आज वह वैसे रसूखदारों के कारण बेधड़क हो कर नशे का कारोबार कर रही है।

खुद ही करती है सेफ:- जब देना होता है बड़ा खेप,तो उसे खुद ही करती है सेफ”,सूत्रों के अनुसार जब किसी राज्य में हेरोइन का बड़ा खेप पहुंचाने की बात आती है तो वह किसी और के हांथों पहुंचाने के बजाए उसे वह खुद संरक्षण देते हुए उक्त स्थान तक पहुंचाती है,लोग बताते हैं कि एक तरफ बड़ा खेप पहुंचाने का सौदा तब तय होता है जब शादी ब्याह का मौषम हो जब सजी गाड़ियों में हेरोइन आसानी से पहुंचा दिया जाता है,वहीं दूसरी ओर अगर बे मौषम कभी सौदा तय हुआ तो वैसी गाड़ियों का इस्तेमाल होता है जिसके आगे बड़े पद का नेम प्लेट लगा हो,जिस पर हांथ डालने की प्रशासन हिमाक़त नहीं कर सके,तो कुछ ऐसे तरीकों को इज़ाद कर आज सालों से खुद के नशा से सबको बहका रही है मामी।

फिर भी नहीं आ रही हांथ:-मामी को देने मात,पुलिस हर बार बिछाती है बिसात,फिर भी नहीं आ रही हांथ",जी हां सालों से सतरंजी बिसात पर दाव खेल कर कानून को मात देने वाली मामी को मात देने के लिए पुलिस अपनी बिसात हर बार बिछाती है पर अब तलक पुलिस के हांथ हार ही आयी है,क्योंकि पुलिसिया गिरफ्त से बचने में माहिर मामी हर बार पुलिस को चकमा दे कर बचते आ रही है,आपको बताएं कि गढ़वा सहित राज्य के किसी भी जिले में हेरोइन का छोटा या बड़ा खेप बरामद होता है तो उसके साथ गिरफ्तार किए जाने वाले लोग मामी से ही हेरोइन पाने की बात स्वीकारते हैं,पुलिस के हांथ उसके गुर्गे तो आ रहे हैं लेकिन मामी गिरफ्त से दूर है।

गढ़वा जिले को हर तरह से नशामुक्त करने की दिशा में एसपी शिवानी तिवारी के निर्देश पर लगातार पुलिसिया अभियान जारी है जिसमें सफ़लता भी हांथ आ रही है,अब हेरोइन की सौदागर मामी कब तलक गिरफ्त में आती है यह यक्ष प्रश्न अब तलक अनुत्तरित है।

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