Bindash News || बता रही है यह "मुस्कान" की सफ़ल हो रहा है "अभियान"
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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बता रही है यह "मुस्कान" की सफ़ल हो रहा है "अभियान"

Bindash News / 11-01-2019 / 1100


कर के नक्सलियों का पूर्ण मर्दन,खुद को रोकेंगें सदन

 
आशुतोष रंजन
 
गढ़वा 
 
सजती है किसी की लबों पर तभी मुस्कुराहट,हो जब किसी ख़ुशी की आहट",जी हां हमने ऐसे ही एक लब को देखा जिसे आज तलक हमने गंभीर ही देखा था लेकिन आज मुझे उन लबों पर मुस्कुराहट नुमाया होता दिखा मैं तभी समझ गया कि जरूर कोई बड़ी ख़ुशी की आहट है जिसने लबों पर सजायी मुस्कुराहट है,तो आइए हमारे इस ख़बर के जरिये आप भी जान लीजिए कि वह शख़्स हैं कौन,जिनके उन लबों पर छिटकी है मुस्कुराहट जो ज़्यादा रहते थे मौन।
 
की सफल हो रहा है अभियान:- बता रही लबों की यह मुस्कान,की सफल हो रहा है अभियान",हम बात कर रहे हैं गढ़वा में अभियान एसपी के रूप में पदस्थापित सदन कुमार की,अपने पदस्थापना काल से ही गढ़वा से पूर्ण नक्सल उन्मूलन के एकमात्र लक्ष्य को ले कर जुटे हुए इनसे आम दिनचर्या में तो ज़्यादातर छोटे बड़े नक्सली अभियान में रहने के कारण मुलाकात नहीं होती,गर कहीं हो भी जाये तो हर वक्त उसी ध्येय को मन में आत्मसात रखने वाले सदन कुमार का चेहरा गंभीर ही नजर आता है,लेकिन आज एक लंबे अरसे बाद उनके लबों की मुस्कुराहट और हंसी की वह खिलखिलाहट हमें अहसास करा दिया कि मिलने वाली किसी बड़ी खुशी की है यह आहट,लेकिन साथ ही याद आया कि कल तक बहुत हद तक निर्भीक हो कर उन्मुक्त विचरण करने वाले नक्सली आज एक छोटे से पॉकेट में छुप कर बैठे हैं,क्योंकि उन्हें इसका सनद है कि मेरे ख़ात्मा के लिए ही अभियान चला रहा सदन है,बस वही नक्सली उन्मूलन अभियान की नित्य प्रतिरोज़ मिल रही सफ़लता ही गंभीरता वाले लबों पर मुस्कान ले आया है।
 
खुद को रोकेंगें सदन:- उधर अनवरत जंगली इलाकों में अभियान चला कर नक्सली उन्मूलन में रत सदन कुमार से हमने जब यह पूछा कि आख़िर कब आएगा उस रात का विहान,जब रुकेगा यह अभियान,तो हमारे इस सवाल के हमसे छूटते ही उनका मुस्कुराता चेहरा तमतमाया और फिर तल्ख़ लहज़े में उन्होंने यह कह कर जवाब दिया कि "कर के नक्सलियों का पूर्ण मर्दन,खुद को रोकेंगें सदन",साथ ही साथ कहा कि गढ़वा एसपी शिवानी के कुशल नेतृत्व और बेहतर रणनीति कौशल के बदौलत हम सभी गढ़वा से नक्सलियों के समूल ख़ात्मा के राह पर तीव्र गति से अग्रसर हैं,जिसका सुपरिणाम है कि आज नक्सलियों के पास उनका बड़ा कुनबा नहीं बल्कि एक छोटा और प्रतिरोज़ टूट कर बिखर रहा टुकड़ा बच गया है,जो एक छोटे से पॉकेट में खुद को सिमटा कर रखे हुए है लेकिन बहुत जल्द उसका भी हम ख़ात्मा कर देंगें ताकि गढ़वा को पूर्ण नक्सल मुक्त जिला के रूप में जाना जा सके।
 

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