Bindash News || जान ले लिहलु ये भउजी
    

    
    

    
    

    
    
    






       
        
        
 


    

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जान ले लिहलु ये भउजी

Bindash News / 09-01-2021 / 1884


पुलिस कर दिहलस मर्डर के ख़ुलाशा


हम आशुतोष बानी
गढ़वा से

जब जब उनकर भउजी सजत संवरत होइहें चाहे जब होली के समय रहत होइ त उ आपन भउजी से मज़ाक में एगो बतिया जरूर कहत होइहें की,जान ले लेबू का ये भउजी,ई बतिया त उ मज़ाक में कहत रहले,लेकिन उनका के ई मालूम नाहीं रहले की उनकर भउजी सांचो में जान ले लीहें,हम इहां देवर भउजाई के बीच होखे वाला कौनो मज़ाक के बात नईखी करत,हम इहां एगो घटना के बारे में रावा सभे के बतावे जात बानी,जवन गढ़वा में घटल बा,जहवां एगो भउजाई आपन देवर के जान ले लिहली,अब गढ़वा में कहवां अईसन भईल आउ काहे भउजी देवर के जान ले लिहले आयीं हम बतावत बानी।

हम ना जनली कि जान ले के छोड़िहें भउजाई:- अरे होत रहे छोट मोट लड़ायी,लेकिन हम ना जनली कि जान ले के छोड़िहें भउजाई",अईसन कुंहके वाला बात जितेंद्र के रूह से आवता,उ जितेंद्र जेकरा के उनकर भउजी मार दिहली,जादे बुझवनी नईखी बुझावत,सीधा बतायीं की परसो एगो लाश मिलल रहल,जब ओकर पहचानी भईल त मालूम चलले की ई शहरे थाना इलाका के करमडीह गांव के जितेंद्र मेहता के लाश बा,गांव वाला लोग पुलिस के ख़बर कईले,पुलिस पहुंच के लाश के कब्ज़ा में लिहलस आउ ओकर पोस्टमार्टम करौलस,त पता चलल की जितेंद्र अपने से जान नईखे दिहले,ओकर मर्डर भईल बा,पुलिस छानबीन में जुटल आउ पता लगा लिहले की के आउ काहे ख़ातिर मर्डर कईले बा।

 

पुलिस कर दिहलस मर्डर के ख़ुलाशा:- जिला से अपराध के ख़तम करे के साथे साथे अपराधी के मन में घर कईले ग़लत विकार के बाहर करे में लागल एसपी श्रीकांत सुरेश राव से जईसे जईसे पुलिस टीम के निर्देश मिललस ओइसे काम कर के चौबिसे घंटा में शहर थाना पुलिस हत्याकांड के  ख़ुलाशा कर दिहलस,मीडिया लोग से बात करत एसडीपीओ बहामान टूटी बतवले की जितेंद्र के मर्डर कौनो बाहर के कोई अपराधी नाहीं उनकर घरे के लोगे कर देले,कहे के मतलब की छानबीन में ई खुल के आईल की ज़मीन ख़ातिर आपन भाई भउजाई एगो कवनो बाहरी आदमी के साथे रख के जितेंद्र के जान मार दिहले,पुलिस हत्या करे के ममिला में जितेंद्र के भाई भउजाई आउ एगो साथ देवे वाला तीनो के पकड़ के जेल भेज दिहलस।

ये भउजी काहे ले लिहलु जान:- छोड़ देतीं घर बार,ले लिहतु सबे ज़मीन,ये भउजी काहे ले लिहलु जान",ई सवाल उ वक़त भी जितेंद्र करत होइहें जब उनकर भाई भउजाई उनका के मारत होइहें,लेकिन ना त सहोदर भाई के दिल पसिजल आउ ना लहुरा देवर के गर्दन दबावे में भौजाइये के हाथ काँपल,छटपटा छटपटा के जितेंद्र जान दे दिहलस,लेकिन सवाल आजु ओकर आत्मा जरूर करत होइ आउ इहे कहत होइ की "छोड़ दिहति घर बार,ले लिहतु सबे ज़मीन,लेकिन काहे ये भउजी ले लिहलु जान।"

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