वैदिक व्यवस्था के अनुसार सादगी पूर्ण वातावरण में विवाह संस्कार संपन्न कराना चाहिए – पंकज जी

वैदिक व्यवस्था के अनुसार सादगी पूर्ण वातावरण में विवाह संस्कार संपन्न कराना चाहिए – पंकज जी

दहेज रूपी दानव और  प्रदर्शनकामी विवाह सनातन धर्म के लिए ठीक नहीं

जोबरईया में चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ का छठा दिन


दिवंगत आशुतोष रंजन

 

प्रियरंजन सिन्हा

बिंदास न्यूज, गढ़वा

 

गढ़वा : जिला मुख्यालय के ग्राम जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ की तलहटी में नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में 08 मार्च 2026 से 16 मार्च 2026 तक चलने वाले विराट श्री रूद्र महायज्ञ में प्रतिदिन संध्याकाल 6:00 से चल रही पावन श्री राम कथा  के छठवे दिवस पर अवध धाम से पधारे आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने भगवान के पावन विवाह की कथा  श्रवण करायी। उन्होंने कहा कि विवाह एक पवित्र बंधन है जहां दो विचार आपस में मिल जाते हैं तो एक संस्कार होता है। जिसे हम विवाह कहते हैं। आज के विवाह में दहेज रूपी दानव और अनेक प्रदर्शन और दिखावा होता है जो सनातन धर्म के लिए ठीक नहीं है। जो सच्चे सनातनधर्मी हैं उनको भगवान के विवाह से सीख लेकर सादगी पूर्ण वातावरण में विवाह संस्कार वैदिक व्यवस्था के अनुसार संपन्न कराना चाहिए। भगवान का सीता मैया के साथ जयमाल संपन्न हो गया। तब महाराज दशरथ को सूचना मिली। अयोध्या से बारात गई और एक साथ चारों भाइयों का विवाह संस्कार संपन्न हुआ। कथा के अंत में वृंदावन से पधारे हुए कलाकारों के द्वारा विवाह की सुंदर झांकी और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया गया। पूज्य महाराज जी के साथ पधारे हुए संगीतकारों ने अपने गीतों के द्वारा समां बांधा। महायज्ञ के छठे दिन की शुरुआत पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह भगवान भोलेनाथ के रुद्राभिषेक से प्रारंभ हुआ। तत्पश्चात दैनिक हवन पूजन संपन्न हुआ। संध्या काल में 6:00 बजे से यज्ञशाला के बगल में निर्मित भाव कथा मंडपम में श्रीराम कथा अमृत प्रवचन का प्रारंभ व्यासपीठ के पूजन से हुआ। जिसमें सभी यजमानों ने भाग लिया। आज के कथा के अतिथि नवादा ग्राम निवासी भारतीय सेना के जवान अकिलदेव पाल रहे। उन्होंने ठाकुर जी को, कथा व्यास को और यज्ञाधीश महाराज जी को माल्यार्पण कर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम में श्री रुद्र महायज्ञ के प्रधान संयोजक राकेश पाल एवं जागृति युवा क्लब के अध्यक्ष तथा मुख्य यजमान जितेंद्र कुमार पाल मुख्य मंच पर उपस्थित रहे। व्यास पीठ पूजन के पश्चात श्री रुद्र महायज्ञ के आयोजन में बड़ी जिम्मेवारी निभाने वाले यज्ञ समिति के सदस्यों धनंजय चंद्रवंशी, उदय पाल, दसईं पाल, सुविंदर राम तथा नीलकंठ महादेव मंदिर की सीढ़ियों और शेड में टाइल्स मार्बल लगाकर मंदिर परिसर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने में योगदान देने वाले पिंडरा और सुखबाना निवासी सिद्धनाथ हलवाई के पुत्र जयप्रकाश हलवाई और विजय प्रसाद हलवाई को यज्ञाधीश महाराज, प्रधान संयोजक और मुख्य यजमान के द्वारा संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया। महायज्ञ में इन दोनों भक्तों की भारी भीड़ सुबह 6:00 से ही ओम नमः शिवाय, हर हर महादेव के जयकारों के साथ यज्ञशाला की परिक्रमा करना प्रारंभ कर दे रहे हैं। जो दोपहर तक चल रहा है। मेला परिक्षेत्र में पूजा- प्रसाद सामग्री दुकान, श्रृंगार स्टोर, मिठाई दुकान, खिलौने की दुकान, झूला आदि आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

प्रधान संयोजक राकेश कुमार पाल ने श्री रुद्र महायज्ञ आयोजन समिति के सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि महायज्ञ के दौरान संपूर्ण क्षेत्र पूरी तरह से साफ और स्वच्छ रहना चाहिए। भक्तों के लिए चलाए जा रहे भंडारा में प्रयुक्त गिलास और पत्तल प्रतिदिन व्यवस्थित ढंग से उसका निपटारा किया जाए। मेला परिसर में रखे गए सभी टैंकरों में हमेशा पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो। सभी सदस्य इसका ख्याल रखें। कार्यक्रम में नवादा से सुखबीर पाल, रमेश पाल, गढ़वा प्रखंड के पूर्व प्रमुख तेतरी देवी, राम प्रसाद राम, गोविंद उच्च विद्यालय से शिक्षक रमाशंकर देव, बलराम, विजय कुमार, अमित कुमार चौबे, हिमांशु पाठक और महायज्ञ के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता मुख्य रूप से उपस्थित थे।

Tags

About Author

Ashutosh Ranjan

Follow Us On Social Media