फर्जी तरीके से NEET परीक्षा देने में पकड़ी गई दो अभ्यर्थी, घर वालों को नहीं है जानकारी
NEET RE EXAM के दौरान गड़बड़ी मामले में झारखंड की दो महिला अभ्यर्थियों के नाम आए सामने
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सदास्मृत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : बिहार के लखीसराय में रविवार को हुई NEET UG पुनर्परीक्षा के दौरान गड़बड़ी का मामला सामने आया। इस मामले में सॉल्वर गैंग से तार जुड़ा निकला। इसमें कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया। इस गैंग का तार अब झारखंड से जुड़ा सामने आ रहा है। गैंग का लिंक पलामू और गिरिडीह से है।
झारखंड की दो अभ्यर्थियों का सॉल्वर गैंग से कनेक्शन
पलामू के हरिहरगंज की रहने वाली एक महिला अभ्यर्थी सॉल्वर गैंग से जुड़े होने के आरोप में बिहार के लखीसराय में पकड़ी गई है। इसमें एक और महिला अभ्यर्थी शामिल है जो गिरिडीह के बिरनी थाने की रहने वाली है। ये दोनों अभ्यर्थी किसी दूसरे छात्र की जगह पर परीक्षा दे रही थी। गिरिडीह अभ्यर्थी बीएचयू की छात्रा है। वह बीएचयू से बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है। जबकि पलामू अभ्यर्थी ओड़िशा के Government ayurvedic college के बीएएमएस छात्रा है।
पलामू की महिला अभ्यर्थी पर आरोप है कि वह किसी दूसरी छात्रा की जगह खुद बैठकर नीट परीक्षा दे रही थी। इस दौरान बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए अभ्यर्थी का खुलासा हुआ और उसे मौके से पकड़ लिया गया। महिला अभ्यर्थी के पिता पेशे से किसान हैं, जबकि उसके दोनों भाई आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं।
तीनों दिनों से बंद है बेटी का मोबाइल: पिता
इस मामले को लेकर महिला अभ्यर्थी के पिता से फोन पर बात की गई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी कैसे पकड़ी गई और क्या हुआ है, इसके बारे में उन्हें कोई भी जानकारी नहीं है। पिता का कहना है कि बेटी का मोबाइल तीन दिनों से बंद है। उनका बेटा गोवा जा रहा था। इसी दौरान छोटे बेटे के मोबाइल पर कॉल आया था और इस पूरे मामले की जानकारी दी गई। पिता ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिलने के बाद उनका बेटा बिहार के लिए रवाना हो गया है। उनके पहुंचने के बाद ही कुछ पता चल पाएगा।
महिला अभ्यर्थी ने साल 2016 में हरिहरगंज से मैट्रिक की परीक्षा पास की थी और जिले में टॉप किया था। उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई भी पलामू से पूरी की। इंटर में वह स्टेट टॉपर्स में से एक रही थी। पिता के अनुसार, अभ्यर्थी ने साल 2021 में ओडिशा में आयुर्वेदिक डॉक्टर की पढ़ाई के लिए एडमिशन ली थी। यह साल उसके कोर्स का आखिरी साल था।
बता दें कि पलामू के हरिहरगंज का इलाका बिहार से सटा हुआ है। यह इलाका कई दशकों तक नक्सल हिंसा की चपेट में रहा है। जिस इलाके में अभ्यर्थी का घर है, वहां से बिहार का औरंगाबाद का इलाका मात्र सौ मीटर की दूरी पर है।







