“आपन सरस्वतिया” अभियान के 19वें दिन भी जारी रहा नदी सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य

“आपन सरस्वतिया” अभियान के 19वें दिन भी जारी रहा नदी सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य

गढ़वा शहर के वार्ड 6 एवं 9 के अलावा मेराल में चला नदी सफाई अभियान

व्यवसायी संघ निभायेगा अगले पांच दिनों की सफाई में सहभागिता



सदास्मृत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा

गढ़वा. जनसहभागिता एवं प्रशासनिक सहयोग से संचालित “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत शुक्रवार को लगातार 19वें दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग एवं पुनर्जीवन का कार्य जारी रहा। आज का अभियान मुख्य रूप से गढ़वा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 6 एवं वार्ड संख्या 9 के अलावा मेराल में भी नदी क्षेत्र में चलाया गया, जहां नदी के प्रवाह को बाधित करने वाले अवरोधों, गाद एवं कचरे को हटाने का कार्य किया गया।

शहर के वार्ड 6 एवं 9 में चला व्यापक सफाई अभियान: अभियान के दौरान नदी के दोनों किनारों एवं प्रवाह क्षेत्र में जमा गाद, प्लास्टिक, झाड़-झंखाड़ तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थों को हटाया गया। कई स्थानों पर नदी के चौड़ीकरण एवं जल निकासी को बेहतर बनाने की दिशा में भी कार्य किया गया। स्थानीय नागरिकों एवं समाजसेवियों ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। बाढ़ संख्या 6 में राजेश गुप्ता उर्फ फंटूश गुप्ता, वार्ड 9 में विकास माली वहीं दूसरी ओर मेराल क्षेत्र में अंचल अधिकारी यशवंत नायक की अगवाई में शुक्रवार को नदी स्वच्छता अभियान चलाया गया

व्यवसायी संघ ने उठाया पांच दिनों की सफाई का जिम्मा: अभियान के दौरान गढ़वा व्यवसायी संघ द्वारा आगामी पांच दिनों तक सफाई अभियान में सहयोग का दायित्व लेने की घोषणा की गई। व्यवसायी संघ के अध्यक्ष राजेश गुप्ता की इस स्वैच्छिक पहल का अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने स्वागत करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों का इस प्रकार आगे आना इस अभियान की सफलता का सबसे बड़ा आधार है। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान अब एक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है। प्रतिदिन नए लोग और संस्थाएं इससे जुड़ रही हैं, जिससे अभियान को लगातार मजबूती मिल रही है।

मानसून को देखते हुए बढ़ेगी अभियान की गति: अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि मानसून निकट है। ऐसे में नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग एवं जल प्रवाह को सुचारू बनाने के कार्य में और तेजी लाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से शनिवार से अभियान में लगाई जाने वाली जेसीबी मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी, ताकि शेष कार्यों को शीघ्र पूरा किया जा सके।

जनसहयोग से साकार हो रहा नदी पुनर्जीवन का संकल्प: उन्होंने अभियान में सहयोग देने वाले सामाजिक संगठनों, व्यवसायी संघ, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, युवाओं एवं आम नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरस्वतिया नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का यह प्रयास समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। लोगों के सहयोग से नदी को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने की दिशा में निरंतर प्रगति हो रही है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नदी क्षेत्र में कचरा न फेंकें तथा स्वच्छता बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि यह अभियान स्थायी परिणाम दे सके।उल्लेखनीय है कि उक्त अभियान बीते 25 में से शुरू किया गया था, जिसमें धीरे-धीरे गढ़वा और मेराल के तमाम लोग साथ होते चले गए और अब यह अभियान एक व्यापक रूप ले चुका है। सदर एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि यह भी संभव है कि नदी की शत प्रतिशत सफाई नहीं भी हो पाये क्योंकि दशकों से जमा गंदगी और विकृत स्वरूप में पहुंच चुकी नदी को दो चार हफ्ता में पूरी तरह साफ सुथरा और अविरल बनाना उतना आसान नहीं होगा, किंतु अब तक चले इस अभियान से कम से कम नदी का अस्तित्व फिर से दिखने लगा है, लोगों में नदी के प्रति सकारात्मक भावनाएं जुड़ी हैं और सबसे बड़ी बात कि लोग इस नदी को बचाने के लिए स्वैच्छिक रूप से आगे आ रहे हैं। अगर यही जागरूकता बनी रही तो वह दिन दूर नहीं जब नदी अपने पुराने स्वरूप को प्राप्त कर लेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरस्वती नदी स्वच्छता का यह मॉडल सफल होता है तो गढ़वा के जागरूक नागरिकों से प्रेरणा लेकर अन्य जिलों और अन्य क्षेत्रों में भी लोग भी इसे जरूर अपनाएंगे।

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