दशकों से इस पुल निर्माण की मांग कर रहे सौ गावों में खुशी की लहर
पुल निर्माण होने से बिहार, झारखंड, एमपी, यूपी व छत्तीसगढ़ का होगा आर्थिक विकास
![]()
दिवंगत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : झारखंड के सीमावर्ती प्रखंड कांडी व अन्य तीन प्रखंड तथा नदी के पार पलामू जिला के 50 गांवों को मिलाकर करीब सौ गांवों की लाखों की आबादी के लिए अति महत्वपूर्ण गवर्नर रोड एवं मोहम्मदगंज बाजार के बीच कोयल नदी पर पुल निर्माण का मार्ग प्रशस्त होता दिखाई दे रहा है। दैनिक भास्कर ने अपने सामाजिक सरोकार के तहत इस पुल निर्माण की मांग को वर्षों से प्रमुखता दे रखी है। पलामू के मोहम्मदगंज व गढ़वा के कांडी से दैनिक भास्कर ने इस पुल निर्माण की लगातार मांग की है। विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने इस पुल निर्माण की विधानसभा में मांग की है। इस बात की जानकारी होने पर सैकड़ो लोगों ने काफी खुशी जाहिर की है। लोगों ने कहा है कि जिनकी पहचान केवल विकास कार्यों से ही है ऐसे विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने मौके की नजाकत को समझते हुए इस अति महत्वपूर्ण मांग को विधानसभा में रखा है। जिससे सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट होगा। मालूम हो कि झारखंड में नदी के दोनों पार के 100 गांव एवं सीमावर्ती बिहार राज्य के रोहतास जिले के दर्जनों गांव के लिए मोहम्मदगंज रेलवे स्टेशन ही रेल हेड बन चुका है। भारतवर्ष के अमृत स्टेशनों में शामिल मोहम्मद गंज रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन हजारों लोगों का देश के विभिन्न भागों में आना-जाना है। इसमें 60 से 65 पर्सेंट लोग कोयल नदी के उस पार गढ़वा जिला के कांडी, केतार, खरौंधी, भवनाथपुर, मझिआंव व बरडीहा प्रखंडों के रहने वाले हैं। इन्हीं में सीमावर्ती रोहतास जिले के लोग भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि कांडी के श्रीनगर एवं रोहतास जिला के पंडुका गांव के बीच सोन नदी पर उच्च स्तरीय सड़क पुल का निर्माण प्रगति पर है। इसके चालू हो जाने पर कांडी के सोहगाड़ा गवर्नर रोड एवं मोहम्मदगंज बाजार के बीच आवेदित पुल का सीधा संपर्क सोन नदी के पुल से हो जाएगा। मालूम हो कि सोन नदी के उस पार राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण प्रस्तावित है। इधर जिला मुख्यालय गढ़वा से सोन नदी के श्रीनगर पुल तक भी फोरलेन सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इस प्रकार गवर्नर रोड पर कोयल नदी में पुल निर्माण होने के बाद बिहार झारखंड के साथ-साथ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि की दूरी भी काफी कम हो जाएगी। आपस में सामाजिक सांस्कृतिक सरोकार के साथ-साथ सबसे ज्यादा आर्थिक सरोकार तेज होगा। अंतर राज्यीय व्यवसाय में वृद्धि होने से गांव के लोगों की अर्थव्यवस्था में आशातीत सुधार निश्चित है। क्योंकि भीम बैराज के निकट बने हुए पुल से बड़ी गाड़ियों का आना-जाना सख्ती से वर्जित है। इसलिए छोटी गाड़ियों से आने-जाने से केवल लोगों का आना-जाना हो पाता है। लेकिन बड़ी गाड़ियों को रोक लिए जाने से आपसी व्यापार की स्थिति शून्य है। अत: पुल का निर्माण अति आवश्यक है। इसकी मांग दोनों तरफ के लोग दशकों से करते आ रहे हैं। हाल में लोगों ने पुल निर्माण के सवाल पर धरना प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया है। आज झारखंड विधानसभा में विधायक नरेश सिंह के द्वारा इस मांग को सदन के पटल पर रखे जाने से लोगों को आस जगी है। अब पुल निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।







