सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सफल होने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी : डीसी

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सफल होने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी : डीसी

बाजारवाद के दौर में यह इकलौता स्कूल है जहां री एडमिशन की कौन कहे बच्चों का एडमिशन फी भी नहीं लगता : एसडीएम

डीसी ने किया एएसडी प्ले स्कूल के नौवें वार्षिकोत्सव का उद्घाटन

बच्चों के गीत व नृत्य ने मोह लिया लोगों का मन

 

दिवंगत आशुतोष रंजन

 

प्रियरंजन सिन्हा

बिंदास न्यूज, गढ़वा

 

गढ़वा : सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। सफल होने के लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता और यह भी सही है कि मेहनत करने के बाद आपके कदम सफलता की सीढ़ी पर चढ़कर अंतिम सोपान तक निश्चित रूप से पहुंचेंगे। उक्त पंक्तियां जिला के प्रशासनिक प्रमुख उपायुक्त दिनेश कुमार यादव ने कहीं। वह शहर के एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान एएसडी प्ले स्कूल, अनंत श्याम दुलारी नगर सहिजना में वार्षिकोत्सव के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं से पूरे मनोयोग से पढ़ाई करते हुए बेहतर सफलता हासिल करने का सुझाव दिया। इससे पहले उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर बतौर मुख्य अतिथि वार्षिकोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को विद्यालय परिवार के द्वारा शॉल एवं पौधा देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में अपने सक्रिय प्रशासनिक कदमों के लिए पूरे राज्य में विख्यात सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, विद्यालय के निदेशक डॉक्टर आदित्य आरुणि, वरिष्ठ पत्रकार सियाराम शरण वर्मा, प्रमोद कुमार वर्मा, रश्मि वर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे। जबकि विद्यालय का लंबा चौड़ा लॉन अभिभावकों से भरा था। इस दौरान एसडीम संजय कुमार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह विद्यालय शहर के लिए ही नहीं पूरे जिले के लिए एक रौशन मीनार की भूमिका निभा रहा है। बाजारवाद के माहौल में पूरे झारखंड राज्य में निजी विद्यालयों के द्वारा री एडमिशन एवं एनुअल चार्ज के रूप में अभिभावकों से तगड़ी वसूली की जा रही है। इसका जोरदार विरोध भी हो रहा है। ऐसे माहौल में यह इकलौता स्कूल है जहां री एडमिशन की कौन कहे बिना एडमिशन चार्ज के ही बच्चों का नामांकन किया जाता है। नो लॉस नो प्रॉफिट के आधार पर केवल विद्यालय चलते रहने भर के लिए छात्रों से छोटा-मोटा शुल्क लिया जाता है। यह वरिष्ठ पत्रकार सियाराम शरण वर्मा जी के द्वारा माता-पिता के आदर्शों के अनुपालन में उठाया गया एक साहसिक एवं अनुकरणीय कदम है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि आप उनके कदम से कदम मिलाकर सहयोग करते हुए विद्यालय को निरंतर आगे बढ़ाते रहें। उन्होंने प्रति माह होने वाली अभिभावक गोष्ठी में सभी अभिभावकों से निश्चित रूप से भाग लेने एवं विद्यालय की बेहतरी के लिए सुझाव देने की अपील की। अभिभावक एवं पत्रकार प्रियरंजन सिन्हा ने कहा कि यह इकलौता स्कूल है जिसमें बच्चों की बेहतर पढ़ाई एवं मार्गदर्शन के बाद भी अभिभावकों का आर्थिक शोषण एवं दोहन नहीं किया जाता। यह स्कूल इसी तरह प्रगति की ओर अग्रसर होता रहे इसके लिए हम अभिभावकों का सहयोग बहुत आवश्यक है। आज की उपस्थिति के समरूप ही आप प्रत्येक महीने होने वाली अभिभावक गोष्ठी में भाग लेने की अवश्य कृपा करें। जिससे विद्यालय के विकास में सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा प्रमाण है कि इस विद्यालय को छोड़कर जाने वाले छात्र भी दूसरे विद्यालय की दिशा और दशा देखकर फिर से इसी विद्यालय में वापस आ रहे हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं के द्वारा बहुत ही सुरुचि पूर्ण एवं आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। जिसमें नृत्य, गीत, रिकॉर्डिंग डांस एवं नाट्य प्रदर्शन शामिल है। इस क्रम में अलिफ, काजू, माही, सकीना एवं अनूप ने रेट्रो टू मेट्रो, आयुषी, शिल्पा, गायत्री, ज्योति एवं अर्चना ने झारखंड का लोक नृत्य, आकृति एवं कोमल ने उड़ी उड़ी जाए जुल्फें तेरी, कोमल, कृतिका एवं शिवानी ने छैंयां छैंयां, आकृति, रागिनी एवं रितु ने उड़ी उड़ी जाए, साक्षी, काव्या एवं जूली ने नजर कोई ना लगे, साक्षी, काव्या एवं जूली ने चटक मटक, आयुषी एवं शिल्पा ने पंजाबी भांगड़ा, आकृति, रागिनी एवं रितु ने गलन गोंदिया तथा अनुराग, अंशु, अंश, आदित्य, आयुष, आशीष एवं युवराज ने लूंगी डांस प्रस्तुत करके अतिथियों व दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। जबकि अधिवक्ता राघवेंद्र शुक्ला ने धन्यवाद ज्ञापन किया। संपूर्ण समारोह का संचालन सियारामशरण वर्मा ने किया।

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Ashutosh Ranjan

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