मंदिर के संस्थापक व रक्षक का अभी श्राद्ध भी नहीं हुआ कि मंदिर में हो गई चोरी
इससे पहले भी खरौंधा, सेमौरा व गरदाहा के मंदिरों में हो चुकी है चोरी
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दिवंगत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : जिला के कांडी प्रखंड क्षेत्र में मंदिर में चोरी की घटना फिर से शुरू हो गई। इससे कुछ साल पहले विजय राघव मंदिर खरौंधा, राधा कृष्ण मंदिर सेमौरा व गरदाहा ठाकुरबाड़ी में मूर्ति चोरी की घटना हो चुकी है। एक बार फिर मझिगावां गांव के बजरंगबली मंदिर में स्थापित श्री हनुमान जी की प्रतिमा में सजी चांदी की मुकुट चोरी कर ली गई। कांडी प्रखंड के हरिहरपुर ओपी क्षेत्र स्थित श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, आजाद नगर (लेदरवा पर) में शुक्रवार की रात चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए मंदिर में स्थापित मूर्ति का कीमती चांदी की मुकुट चोरी कर लिया। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त है। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह मंदिर की देखरेख करने वाले महंग रजवार जब प्रतिदिन की तरह गर्भगृह की सफाई करने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि गर्भगृह का दरवाजा खुला हुआ है और ताला गायब है। आशंका होने पर उन्होंने दूसरे पुजारी को सूचना दी। जिसके बाद मंदिर समिति एवं स्थानीय लोगों को घटना की जानकारी दी गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में जुट गए और घटना की कड़ी निंदा की। लोगों ने कहा कि चोरों का दुस्साहस इस बात से समझा जा सकता है कि मंदिर हरिहरपुर ओपी से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद चोरी की घटना को अंजाम दे दिया गया।
गौरतलब है कि मंदिर के संस्थापक एवं महंत रामधारी चौबे का 24 मार्च को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद से प्रतिदिन संध्या आरती के पश्चात गर्भगृह को बंद कर दिया जाता था और सुबह पुनः खोला जाता था। मंदिर की देखरेख का जिम्मा महंग रजवार निभा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही हरिहरपुर ओपी से एसआई वीरेंद्र चौड़े मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में मूर्ति का मुकुट गायब पाया गया है। मंदिर समिति से लिखित आवेदन प्राप्त होने के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मौके पर मौजूद मझिगावां पंचायत की मुखिया रीता देवी के प्रतिनिधि शंभूनाथ साह, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जितेंद्र चौबे, सचिव शिव नारायण यादव, अरुण मिश्रा, जयपाल चौबे, भारतेंदु चौबे, ब्रह्मानंद चौबे, परमानंद चौबे, भजन यादव सहित अन्य लोगों ने घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से जल्द खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक ओपी को आवेदन नहीं दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले विजय राघव मंदिर मंदिर खरौंधा से चोरी की गई प्रतिमाओं का आज तक पता नहीं चला। जबकि राधा कृष्ण मंदिर सेमौरा से चोरी गई प्रतिमा व्यापक जनाक्रोश के बाद पुलिस की कड़ी जांच पड़ताल के क्रम में आठवें दिन ही बरामद हो गई थी। इस घटना में शामिल कई अपराधियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। लेकिन क्षेत्र में चल रही जोरदार चर्चा के अनुसार घटना का किंग पिन उस समय भी पुलिसिया कार्रवाई से साफ बच गया था। जबकि गरदाहा ठाकुरबाड़ी से चोरी गई प्रतिमा का खंडित भाग चोरों द्वारा मंदिर के निकट कई दिनों के बाद फेंक दिया गया था। शेष सामग्री आज तक बरामद नहीं की जा सकी। अभी भी क्षेत्र में कई मंदिर हैं जिनमें असुरक्षा का खतरा विद्यमान है। बीते कल शनिवार को मंदिर के संस्थापक महंत रामधारी चौबे के श्राद्ध के तहत एकादशा का पिंडदान किया जा रहा था। अत: आवेदन नहीं दिया जा सका। आज मंदिर कमेटी चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराएगी। इस मंदिर के लिए समर्पित स्मृतिशेष चौबे जी मंदिर में ही सोते थे। उनका निधन हो गया। अभी श्राद्ध भी नहीं हो पाया है कि मंदिर में चोरी हो गई।







