हाथी प्रभावित आदिम जनजाति परिवारों के बीच पहुंचे एसडीएम, जाना हाल

हाथी प्रभावित आदिम जनजाति परिवारों के बीच पहुंचे एसडीएम, जाना हाल

60 से अधिक लोगों को चप्पलें करायीं उपलब्ध, बच्चों से बुजुर्गों तक बंटी राहत



दिवंगत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा


गढ़वा : बीते सर्दियों में संचालित ‘आइए खुशियां बांटें’ अभियान को अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा आज रविवार से इसे ग्रीष्मकाल के लिए विशेष रूप से पुनः आरंभ किया गया। इसी क्रम में आज मेराल प्रखंड अंतर्गत बहेरवा गांव से गेरुआसोती में विस्थापित परहिया आदिम जनजाति के 20 से अधिक परिवारों के बीच फूटवियर्स (चप्पलें, सैंडिल, स्लीपर आदि) के रूप में ग्रीष्म राहत सामग्री का वितरण किया गया।

रविवार दोपहर को एसडीएम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और खुले आसमान के नीचे तिरपाल डालकर रह रहे इन परिवारों के 60 से अधिक सदस्यों जिनमें बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक शामिल थे को हवाई चप्पल एवं अन्य फूटवियर उपलब्ध कराये। गर्मी की तपती दोपहर में इन सभी के बीच इस राहत वितरण के रूप में खुशियां साझा की गईं।

उल्लेखनीय है कि मेराल प्रखंड के बहेरवा गांव के लगभग 20 परिवार पिछले वर्ष हाथियों के हमले के भय से विस्थापित होकर गेरुआसोती गांव में आकर रहने लगे थे। प्रशासन द्वारा पूर्व में कई बार इन्हें सुरक्षित स्थानों पर पुनर्वासित करने का विकल्प दिया गया, किन्तु अब तक ये परिवार अन्यत्र जाने को तैयार नहीं हुए हैं। आज भी एसडीएम द्वारा पुनः इन्हें सुरक्षित स्थानों के विकल्प सुझाए गए। एसडीएम ने बताया कि बीती सर्दियों में लगभग दो माह से अधिक समय तक सामाजिक सहभागिता के माध्यम से जरूरतमंदों के बीच गर्म कपड़ों का वितरण ‘आइए खुशियां बांटें’ अभियान के तहत किया गया था। अब उसी अभियान को ग्रीष्मकाल के अनुरूप विस्तारित करते हुए चप्पल, जूते एवं गमछा आदि वितरित किए जाएंगे, ताकि जरूरतमंदों को मौसम के अनुसार राहत मिल सके। इस दौरान रविंद्र पासवान, कंचन प्रसाद, अनिल कुमार, जैनुल अंसारी आदि उपस्थित थे

Tags

About Author

Follow Us On Social Media