गढ़वा प्रशासन सतर्क : शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु मोतिहारा, छपरदागा, भिखही एवं डंडा क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू

गढ़वा प्रशासन सतर्क : शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु मोतिहारा, छपरदागा, भिखही एवं डंडा क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू


सदास्मृत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा


गढ़वा : जिले के गढ़वा अनुमंडल अंतर्गत डंडा प्रक्षेत्र से सटे इलाके पलामू जिले के रामपुर गांव में दो वर्गो के बीच भूमि विवाद को लेकर हुई गोलीबारी की गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति तथा बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने की संभावनाओं को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन ने एहतियातन निषेधाज्ञा लागू करने का निर्णय लिया है।

गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए डंडा थाना क्षेत्र के ग्राम मोतिहारा, छपरदागा, भिखही एवं डंडा क्षेत्र में 04 जून 2026 की दोपहर 12:00 बजे से 06 जून 2026 की दोपहर 12:00 बजे तक निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के तहत निषेधाज्ञा की अवधि में क्षेत्र में शांति, सौहार्द एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से विशेष प्रतिबंध लागू रहेंगे। इस दौरान पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के अनावश्यक रूप से एकत्रित होने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही किसी भी प्रकार के हथियार, घातक उपकरण अथवा आपत्तिजनक सामग्री लेकर चलना, प्रदर्शन करना या सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना वर्जित होगा।

सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम एवं अन्य डिजिटल माध्यमों पर भड़काऊ, आपत्तिजनक, भ्रामक अथवा अफवाह फैलाने वाले संदेश, फोटो एवं वीडियो के प्रसार पर प्रशासन की कड़ी निगरानी रहेगी। ऐसे किसी भी कृत्य में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

निषेधाज्ञा अवधि के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा। हालांकि सरकारी घोषणाओं एवं अनुमति प्राप्त धार्मिक आयोजनों को इससे छूट प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त किसी भी प्रकार के जुलूस, धरना, प्रदर्शन, नारेबाजी अथवा सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन संबंधी गतिविधियों का आयोजन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, यह आदेश शव यात्रा, वैवाहिक कार्यक्रमों तथा विद्यालय एवं महाविद्यालयों की परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगा।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांति, सौहार्द एवं सामाजिक समरसता बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की विधि-व्यवस्था संबंधी चुनौती से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निषेधाज्ञा के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध BNSS की धारा 223 (पूर्व IPC धारा 188) के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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