समाहरणालय सभागार में मिशन वात्सल्य योजना को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

समाहरणालय सभागार में मिशन वात्सल्य योजना को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

दिवंगत आशुतोष रंजन

 

प्रियरंजन सिन्हा

बिंदास न्यूज, गढ़वा

 

गढ़वा : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश यादव की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण इकाई, गढ़वा द्वारा संचालित मिशन वात्सल्य योजना से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्री अशोक नायक ने मिशन वात्सल्य योजना के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली एवं जिले में इसके तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी उपायुक्त को दी।

बैठक में श्री नायक ने बताया कि मिशन वात्सल्य का मुख्य उद्देश्य भारत के प्रत्येक बच्चे के लिए एक स्वस्थ, सुखद, सुरक्षित एवं संरक्षित बचपन सुनिश्चित करना है। यह योजना पारिवारिक देखभाल को बढ़ावा देने, कठिन परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा करने, संस्थागत एवं सामुदायिक संरक्षण प्रणालियों को सशक्त बनाने तथा बच्चों के जीवन, विकास, संरक्षण और सहभागिता पर केंद्रित समन्वित एवं बाल-केंद्रित प्रयासों के माध्यम से उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने पर आधारित है। इसका लक्ष्य यह है कि प्रत्येक बच्चा अपनी पूर्ण क्षमता प्राप्त कर सके और निरंतर विकास की धारा से जुड़ा रहे। इसके अतिरिक्त, कानून से संघर्ष में आए बच्चों जैसे- प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से विधि विवादित बच्चे अथवा ऐसे बालक/बालिका जिन पर 18 वर्ष की आयु से पूर्व अपराध करने का आरोप है की भी समुचित देखरेख एवं पुनर्वास सुनिश्चित किया जाता है। उन्होंने बताया कि मिशन वात्सल्य के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक एक सुदृढ़ संस्थागत ढांचा तैयार किया गया है। संस्थागत देखरेख सेवाओं के अंतर्गत बाल देखभाल संस्थाओं को सहयोग प्रदान किया जाता है, जहां बच्चों को आश्रय, भोजन, शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इनमें बाल गृह, पर्यवेक्षण गृह, विशेष गृह एवं पालक देखभाल व्यवस्था शामिल हैं। वहीं गैर-संस्थागत व्यवस्था के तहत बच्चों को पोषणकारी एवं सुरक्षित वातावरण में विकसित होने का अवसर देने हेतु परिवार-आधारित एवं समुदाय-आधारित देखभाल पर विशेष जोर दिया जाता है। बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई गढ़वा द्वारा अब तक जनवरी 2025 से नवंबर 2025 की अवधि के दौरान यौन उत्पीड़न (POCSO), बाल श्रम, बाल विवाह, भगोड़े एवं गुमशुदा बच्चे, अनफिट केस, अनाथ बच्चे, तस्करी के शिकार बच्चे, स्वास्थ्य एवं शिक्षा से जुड़े मामले, सड़कों पर रहने वाले बच्चे सहित विभिन्न श्रेणियों में कुल 858 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 425 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है।

उपायुक्त श्री दिनेश यादव ने बैठक के दौरान मिशन वात्सल्य के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों के संरक्षण एवं कल्याण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, तत्परता और समन्वय के साथ कार्य किया जाए, ताकि जिले का प्रत्येक बच्चा सुरक्षित, शिक्षित एवं सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो सके। बैठक के दौरान उपायुक्त दिनेश यादव को अवगत कराया गया कि जिले में अभी मिशन वात्सल्य योजना के तहत 59 बच्चों को स्पॉन्सरशिप मिला है जिसके तहत उन्हें प्रत्येक माह ₹4000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आज की बैठक में जिला बाल कल्याण समिति द्वारा जिला अंतर्गत कुल 266 अन्य बच्चों को भी मिशन वात्सल्य योजना के तहत स्पॉन्सरशिप प्रदान करने हेतु प्रस्ताव रखा गया जिसमें सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई परंतु उपायुक्त श्री यादव द्वारा उपरोक्त 266 बच्चों के स्पॉन्सरशिप से संबंधित मामले की भौतिक रूप से रैंडम्ली जांच करने हेतु मौके पर उपस्थित पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा एवं सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग पंकज कुमार गिरी व जिला बाल कल्याण समिति के अन्य सदस्यों को निर्देशित किया गया, ताकि इस योजना का लाभ योग्य बच्चों को मिल सके एवं योजना का कार्यान्वयन पारदर्शी रूप से हो सके। उपायुक्त श्री यादव ने कहा कि मिशन वात्सल्य योजना सरकार द्वारा चलाई जा रही एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है जिसके तहत बेहद कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों यथा- अनाथ बच्चें, एकल अनाथ बच्चें, भागे हुए बच्चें, बाल तस्करी से पीड़ित बच्चें, सड़कों पर रहने वाले बच्चें, भीख मांगने वाले बच्चें, लापता बच्चें, परित्यक्त बच्चें, कैदी के बच्चें, असहाय या किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित माता-पिता के बच्चें, यौन शोषित बच्चें अथवा प्राकृतिक आपदा से ग्रसित परिवार के बच्चें आदि इसी प्रकार के जरूरतमंद बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करते हुए उनके देखरेख, शिक्षा, स्वास्थ्य व सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारी एवं जिला बाल कल्याण समिति के सदस्यों को इस योजना का व्यापक प्रचार प्रसार विभिन्न माध्यमों से आम लोगों के बीच करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान जिला बाल संरक्षण से संबंधित पदाधिकारी एवं जिला बाल कल्याण समिति के उपस्थित सदस्यों द्वारा बच्चों के संरक्षण से संबंधित योजनाओं में आ रही विभिन्न समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया गया, इसके निराकरण के लिए उपयुक्त श्री यादव द्वारा हर संभव मदद करने एवं विचारों प्रांत विभिन्न आवश्यक निर्देश दिए गए।

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Ashutosh Ranjan

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