इन ऊंचे मीनारों से नगर*का मेयार न आंकिये साहब, जरा सुरभि नगर से मोहल्ले का दीदार तो करते जाएं।

इन ऊंचे मीनारों से नगर*का मेयार न आंकिये साहब, जरा सुरभि नगर से मोहल्ले का दीदार तो करते जाएं।

दिवंगत आशुतोष रंजन

 

प्रियरंजन सिन्हा

बिंदास न्यूज, गढ़वा

 

डालटनगंज : यह किसी गांव गंवई का खेत, तालाब, आहर या गलियां पानी से लबालब नहीं हो रही हैं। यह मेदिनी नगर के नरक निगम अरे नगर निगम का पॉश इलाका सुरभि नगर का जीवंत दृश्य है। सब एक हुआ है क्या सड़क, क्या आंगन, क्या घर, क्या मैदान, क्या दुकान सब लबालब भरा है। क्या कमाल है – सच्चा समाजवाद लाते लाते भारत के कितने नेता राजनेता महानेता गुजर गए। देश में समाजवाद नहीं ला पाए। लेकिन वाह रे डालटनगंज का नरक निगम – अरे नगर निगम ने सुरभि नगर में सबको बराबर कर दिया।  सब एक समान डूबे हैं – क्या अमीर क्या गरीब। क्या ऊंच क्या नीच।

तारीफ तो यह है कि इस विपदा से क्या नेता – क्या नेता का स्वांग रचाए अभिनेता को अभी कुछ लेना देना नहीं है। विधायक जी सांसद जी तो वैसे भी जनकल्याण के कामों से अति व्यस्त होकर राजधानी में हैं। आपने उन्हें खुद ही रांची व दिल्ली का टिकट थमा दिया है तो वे यहां कैसे दिखें। और फिर उनका कौनो डीमोशन हो गया है का कि विधान सभा व संसद छोड़कर नरक निगम की फिक्र करने आ जाएं। वैसे  महापौर उप महापौर तो बाद में वार्ड पार्षद बननेवालों की फौज सुरभि नगर को तो अब अपनी बड़की गड़िया से ही सूखा देंगे। लेकिन पहिले उनके वादों व दावों पर भरोसा करके उन्हें जिता दीजिए तबे न। देखिए नयका तो आइए रहे हैं – कह रहे हैं कि मुझे आने तो दीजिए पानी को तो हम पानी पानी कर देंगे व सुरभि नगर को बेपानी करके छोड़ेंगे। पुरनको आके राग मल्हार आलाप रहे हैं। पिछले बार तो फंडवे नहीं मिला। इस बार पहिला काम सुरभि नगर को बेपानी करके ही छोड़ेंगे। तो कीजिये भरोसा – करबो  का कीजिएगा। किसी कैंची, जग, बेल्ट, बॉल पर तो भरोसा करना ही पड़ेगा। फिर 5 साल के लिए डूबने उतराने के लिए कमर कस के।  पहले जिताइए तो फिर डूबिए या उतराइए सुरभि नगरवासियों की बला से!

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Ashutosh Ranjan

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