निजी घर में मिले 13 खाली सिलेंडर, अवैध कारोबार के प्रमाण मिले
दो गैस एजेंसियों की स्टॉक जांच की, स्थानीय लोगों से लिया फीडबैक
अंचल अधिकारी, आपूर्ति पदाधिकारी तथा थाना प्रभारी को संयुक्त जांच का निर्देश
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दिवंगत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा गैस आपूर्ति की वर्तमान वस्तुस्थिति से अवगत होने एवं गैस की संभावित कालाबाजारी के विरुद्ध कार्रवाई के उद्देश्य से मेराल एवं मझिआंव क्षेत्र में व्यापक स्तर पर औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान दो गैस एजेंसियों का भंडार निरीक्षण तथा तीन व्यवसायियों के यहां छापेमारी की गई। मेराल प्रखंड के पचफेड़ी स्थित शगूफा भारत गैस एजेंसी में स्टॉक एवं गोदाम की जांच की गई। वहीं मझिआंव स्थित उजाला एचपी गैस एजेंसी की बुकिंग और आपूर्ति व्यवस्था का भी औचक निरीक्षण किया गया।
इस निरीक्षण भ्रमण के के क्रम में मझिआंव के खरसोता निवासी कमलेश मेहता के घर से 13 खाली गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें 12 घरेलू गैस सिलेंडर तथा एक वाणिज्यिक श्रेणी का सिलेंडर शामिल है। पूछताछ के दौरान कमलेश मेहता सिलेंडरों के स्रोत के संबंध में संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह गैस एजेंसियों से सिलेंडर खरीदकर अपनी इलेक्ट्रिकल दुकान में अवैध रूप से बेचता है। इस व्यक्ति के मोबाइल फोन और व्हाट्सएप चैट की जांच में उजाला एचपी गैस एजेंसी को बड़ी मात्रा में भुगतान एवं सिलेंडर खरीद से संबंधित साक्ष्य प्राप्त हुए।
इसी प्रकार मझिआंव शहरी क्षेत्र के लव सोनी के विरुद्ध भी गैस की कालाबाजारी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। एसडीएम द्वारा लव से पूछताछ एवं मोबाइल/व्हाट्सएप जांच में यह सामने आया कि उसने कुछ ही महीनों में गैस एजेंसियों के खातों में लाखों रुपये का लेन-देन किया है। इस व्यवसायी के द्वारा जिन एजेंसियों से बड़े पैमाने पर सिलेंडर खरीदे जाने के संकेत मिले हैं, उनमें कुटमू (पलामू) की इंडियन गैस एजेंसी, गढ़वा गैस इंडियन एजेंसी, मझिआंव की एचपी उजाला गैस एजेंसी तथा मेराल की शगूफा भारत गैस एजेंसी आदि शामिल हैं।
इन सभी मामलों की अंचलाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी की संयुक्त टीम से जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके की वर्तमान में इन सभी के द्वारा एलपीजी कालाबाजारी तो नहीं की जा रही है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने गैस एजेंसियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे गैस के अवैध खरीद बिक्री से दूर रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा करना आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दंडनीय अपराध है।







