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सदास्मृत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : जनसहभागिता एवं प्रशासनिक सहयोग से संचालित “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत बुधवार को लगातार 17वें दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग एवं पुनर्जीवन का कार्य जारी रहा। गढ़वा एवं मेराल दोनों क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों एवं प्रशासन के सहयोग से अभियान को आगे बढ़ाया गया।
गढ़वा में मनीष कुमार सिंह रहे आज के अभियान के प्रायोजक: गढ़वा शहर में आज के सफाई एवं डी-सिल्टिंग अभियान के मुख्य प्रायोजक के रूप में बिड़ला ओपन माइंड स्कूल, श्री बंशीधर नगर-उंटारी के निदेशक मनीष कुमार सिंह जुड़े। उन्होंने न केवल अभियान के लिए जेसीबी मशीन उपलब्ध कराई, बल्कि स्वयं भी स्थल पर उपस्थित रहकर कार्यों की निगरानी की और अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। अभियान के दौरान नदी क्षेत्र में जमा गाद, कूड़ा-कचरा एवं अन्य अवरोधों को हटाने का कार्य किया गया। साथ ही जल प्रवाह को सुचारू बनाने के उद्देश्य से आवश्यक स्थानों पर नदी के स्वरूप को व्यवस्थित करने की दिशा में भी कार्य किया गया।
एसडीएम ने किया स्थल निरीक्षण: अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने स्थानीय समाजसेवियों एवं अभियान से जुड़े लोगों के साथ सफाई कार्य का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा अभियान में सहयोग कर रहे लोगों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान समाज और प्रशासन की साझी जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनता जा रहा है। प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों के लोग स्वेच्छा से जुड़कर नदी संरक्षण के इस प्रयास को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।
मेराल में भी जारी रहा अभियान: वहीं दूसरी ओर मेराल क्षेत्र में भी सरस्वतिया नदी की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य लगातार जारी रहा। आज के अभियान में रामप्रताप साह भी सहयोगी के रूप में जुड़े और उन्होंने जेसीबी मशीन उपलब्ध कराकर अभियान को गति प्रदान की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता से मेराल क्षेत्र में नदी के विभिन्न हिस्सों में सफाई कार्य किया गया। नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बहाल करने तथा गाद एवं अवरोधों को हटाने का कार्य निरंतर जारी है।
बढ़ती जनभागीदारी से मजबूत हो रहा अभियान: अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने अभियान में सहयोग देने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायियों, शिक्षाविदों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरस्वतिया नदी के संरक्षण का यह अभियान अब एक व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है और समाज के सहयोग से इसके सकारात्मक परिणाम भी दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि नदी को स्वच्छ रखने, उसमें कचरा नहीं फेंकने तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने में अपनी भूमिका निभाएं, ताकि सरस्वतिया नदी को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जा सके।









