एसडीएम ने अरंगी पैक्स का किया औचक निरीक्षण, कई गंभीर अनियमितताएं उजागर

एसडीएम ने अरंगी पैक्स का किया औचक निरीक्षण, कई गंभीर अनियमितताएं उजागर

न बैनर, न दुरुस्त रजिस्टर, अरंगी की बजाय दलेली में निजी परिसर में मिला धान अधिप्राप्ति केंद्र

अधिप्राप्ति शुरू होने से पहले ही सैकड़ों बोरे धान की पुष्टि, कालाबाजारी की आशंका

आपूर्ति एवं सहकारिता विभागों को जांच का निर्देश


दिवंगत आशुतोष रंजन

 

प्रियरंजन सिन्हा

बिंदास न्यूज, गढ़वा

 

गढ़वा : सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने शनिवार को मेराल प्रखंड अंतर्गत अरंगी पंचायत में पैक्स द्वारा संचालित धान अधिप्राप्ति केंद्र का औचक निरीक्षण एवं छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान पैक्स के संचालन में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

मौके पर न तो पैक्स से संबंधित रजिस्टर दुरुस्त पाया गया और न ही पैक्स का निर्धारित बैनर बाहर लगा हुआ था। बल्कि परिसर के द्वार पर लिखा था कि “यहां जिंदा मछली मिलती हैं”। निरीक्षण के समय पैक्स अध्यक्ष आलमगीर अंसारी मौके पर उपस्थित नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में पैक्स का संचालन उनके पिता एवं भाई द्वारा किया जा रहा था। हालांकि एसडीएम द्वारा पूछे गए किसी भी प्रश्न का वे लोग संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने मौके पर ही जिला सहकारिता पदाधिकारी को तलब किया। जिला सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी ने कुछ ही देर में मौके पर पहुंचकर एसडीएम को बताया कि उक्त पैक्स के लिए धान अधिप्राप्ति केंद्र का स्थल अरंगी में चयनित किया गया था। जबकि अनधिकृत रूप से संबंधित व्यक्तियों द्वारा दलेली स्थित इस निजी आवासीय परिसर में धान अधिप्राप्ति केंद्र संचालित किया जा रहा था। जो नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि इस परिसर में धान अधिप्राप्ति होने का न कोई औपचारिक उद्घाटन किया गया और न ही उन्हें या आमजन को सार्वजनिक जानकारी दी गई थी कि धान अधिप्राप्ति की शुरुआत कब से होनी है। हालांकि निरीक्षण के दौरान बताया गया कि इस पैक्स में धान अधिप्राप्ति 16 दिसंबर से प्रारंभ हुई है।

एसडीएम द्वारा जब मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की तो यह पाया गया कि 16 दिसंबर से पहले भी हजारों बोरा से अधिक धान वहां संग्रहित होने की पुष्टि हुई। इस पर एसडीएम ने जब सवाल किया कि यदि अधिप्राप्ति 16 दिसंबर से शुरू हुई है तो 15 दिसंबर या उससे पूर्व इतनी बड़ी मात्रा में धान कैसे रखा गया, तो पैक्स अध्यक्ष के पिता एवं भाई इसका कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दे सके। मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम ने मौके पर ही जिला आपूर्ति पदाधिकारी को भी सूचित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा भी पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट समर्पित करने की बात कही गई। 

रजिस्टर में जिन किसानों के नाम लिखे पाए गए उनमें से ज्यादातर नाम पैक्स अध्यक्ष के परिवार के लोगों के ही मिले। संजय कुमार ने कहा कि किसान हित में लगातार धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर वे नजर बनाए हुए हैं किसी भी कीमत पर बिचौलिया, दलालों और कालाबाजारी करने वालों की दाल नहीं गलेगी। उन्होंने किसानों और आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं पर भी किसी प्रकार की विसंगति दिखती है तो वे जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी या उन्हें जरूर सूचित करें।

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Ashutosh Ranjan

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