सभी को किया जा रहा है नोटिस, नियम संगत कार्रवाई की तैयारी
ज्यादातर विक्रेता मेराल, रमना और नगर उंटारी क्षेत्र के
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दिवंगत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : बीते दिनों उंचरी क्षेत्र में संचालित अवैध बूचड़खाने की जांच के क्रम में बरामद मवेशियों के कान में लगे बारकोड युक्त टैगों के आधार पर कई पशु मालिकों की पहचान कर उनकी विस्तृत जानकारी जुटाई गई है। यह जांच विभागीय कर्मियों के स्तर पर कराते हुए व पशुधन ऐप के माध्यम से संबंधित पशुओं के मूल स्वामियों का विवरण प्राप्त किया गया प्राप्त टैगों के आधार पर की गई इस नमूना जांच के अनुसार इस बूचड़खाने में लाए गए अधिकांश पशुओं के मालिक मेराल, रमना एवं नगर उंटारी क्षेत्र के पाए गए हैं। जबकि कुछ पशु मालिक उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों, मझिआंव तथा कांडी क्षेत्र के भी हैं। अब इन सभी संबंधित पशुओं के मालिकों को सदर अनुमंडल दंडाधिकारी द्वारा नोटिस जारी किया जा रहा है। उनका पक्ष प्राप्त करने के उपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि पशु मालिकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे तयह सुनिश्चित करें कि जिन व्यक्तियों को वे अपने अनुपयोगी, बूढ़े अथवा बीमार पशु बेच रहे हैं, उनका दुरुपयोग या वध न हो। उन्होंने कहा कि संभावित वध की आशंका के बावजूद जानबूझकर गो तस्करों को पशु बेचने वाले व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जाएगी, क्योंकि ऐसे मामलों में गोवंशीय पशु हत्या में उनका अप्रत्यक्ष योगदान भी माना जाएगा। जांच के दौरान कुछ पशु मालिकों से दूरभाष पर बातचीत भी की गई, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि कुछ लोगों ने अपने पशु गढ़वा बाजार समिति में बेचे थे। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार समिति परिसर का उपयोग भी बूचड़खाने से जुड़े अवैध व्यवसायियों द्वारा किया जा रहा है।
इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी ने पशुपालन पदाधिकारी एवं बाजार समिति के सचिव को निर्देश दिया है कि बाजार समिति में केवल उन्हीं पशुओं की बिक्री सुनिश्चित कराई जाए, जिन्हें कृषकों द्वारा वैध रूप से खरीदा जाना है। साथ ही, पशुओं की सरसरी तौर पर उपयुक्तता जांच कराकर ही उन्हें बिक्री के लिए अनुमति दी जाए। ताकि इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।








