सोमवार को पांच व्यवसायियों ने उपलब्ध करायीं अलग अलग जेसीबी
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सदास्मृत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : जनसहभागिता एवं प्रशासनिक सहयोग से संचालित “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत मंगलवार को लगातार 22वें दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई, गहरीकरण, चौड़ीकरण, डी-सिल्टिंग एवं पुनर्जीवन का कार्य जारी रहा। मानसून पूर्व नदी के अधिकतम हिस्सों को साफ एवं अवरोधमुक्त करने के उद्देश्य से अभियान को निरंतर गति दी जा रही है।
22 वें दिन पांच जेसीबी मशीनों से चला अभियान: आज के अभियान में पांच जेसीबी मशीनों की सहायता से नदी के विभिन्न हिस्सों में सफाई, गाद हटाने, चौड़ीकरण तथा जल प्रवाह को बाधित करने वाले अवरोधों को हटाने का कार्य किया गया। कई स्थानों पर वर्षों से जमा गाद एवं झाड़ियों को हटाकर नदी के प्राकृतिक स्वरूप को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया गया।
समाज के विभिन्न वर्गों का मिल रहा सहयोग: 22वें दिन के अभियान में नगर परिषद की पूर्व प्रत्याशी कंचन जायसवाल, बाबा कमलेश वस्त्रालय के प्रोपराइटर कमलेश अग्रवाल, समाजसेवी राकेश पाल तथा लक्ष्मी सिल्वर सेंटर के प्रोपराइटर विशाल केशरी एवं निशु केशरी के सौजन्य से नदी सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य संचालित किया गया। सभी सहयोगियों ने न केवल संसाधन उपलब्ध कराए, बल्कि अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता भी निभाई। अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान की सबसे बड़ी ताकत समाज की बढ़ती भागीदारी है। प्रतिदिन नए लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं और अपनी प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए आगे आ रहे हैं।
नदी में कचरा फेंकने वालों पर होगी कार्रवाई: अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि नदी की सफाई के बाद भी कुछ लोग सीधे नदी में कचरा एवं अपशिष्ट फेंक रहे हैं। विशेष रूप से गन्ने का रस बेचने वाले कुछ ठेला संचालकों एवं अन्य व्यवसायियों की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए गये हैं। ऐसे लोगों को सीसीटीवी कैमरा से भी चिन्हित किया जा रहा है। बताया कि जल्दी ही अतिक्रमण विरोधी अभियान भी अमल में लाया जाएगा।
जनआंदोलन का रूप ले चुका है अभियान: अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि पिछले 22 दिनों से लगातार चल रहा यह अभियान अब एक जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है। समाज, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, व्यवसायियों एवं युवाओं के संयुक्त प्रयास से सरस्वतिया नदी के पुनर्जीवन की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। उन्होंने नागरिकों से नदी को स्वच्छ रखने एवं इस जनअभियान से जुड़ने की अपील की।








