“आपन सरस्वतिया” : अभियान के 23वें दिन चार इलाकों में चला नदी सफाई अभियान

“आपन सरस्वतिया” : अभियान के 23वें दिन चार इलाकों में चला नदी सफाई अभियान

श्रमिकों ने हटाई जलकुंभी, आधा दर्जन जेसीबी मशीनों ने किया चौड़ीकरण और गहरीकरण



सदास्मृत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा


गढ़वा : जनसहभागिता एवं प्रशासनिक सहयोग से संचालित “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत मंगलवार को लगातार 23वें दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग एवं पुनर्जीवन का कार्य जारी रहा। आज अभियान की विशेषता यह रही कि समाज के विभिन्न समूहों एवं नागरिकों ने चार अलग-अलग मोहल्ले में स्थित नदी के हिस्सों में एक साथ सफाई अभियान चलाकर जनसहभागिता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।

चार स्थानों पर एक साथ चला अभियान: मंगलवार को चले सामूहिक अभियान के तहत मझिआंव मोड जोड़ापुल के समीप स्थित नदी क्षेत्र में कन्या विवाह एवं विकास सोसाइटी के सहयोग से समाजसेवी विकास माली द्वारा सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य कराया गया। उन्होंने जेसीबी के साथ बड़ी संख्या में श्रमिकों को भी नदी में उतारा। वहीं शहर के जाने-माने आढ़तिया पिंटू गुप्ता के सौजन्य से प्रखंड कार्यालय के पीछे स्थित नदी क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया गया। इसी प्रकार ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, टंडवा के सौजन्य से टाउन हॉल के पीछे स्थित नदी क्षेत्र में सफाई एवं स्वच्छता अभियान संचालित किया गया।

वहीं शहर के सक्रिय समाजसेवी और व्यवसायी राकेश पाल के द्वारा भी लगातार तीसरे दिन नदी सफाई अभियान जारी रखा गया। उनके सौजन्य से स्थानीय लोगों ने सफाई कार्य में भागीदारी निभाई तथा नदी क्षेत्र को स्वच्छ एवं अवरोधमुक्त बनाने के लिए श्रमदान किया। अनुमंडल पदाधिकारी ने राकेश पाल सहित सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित प्रयासों से ही “आपन सरस्वतिया” अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है।

जनभागीदारी से मजबूत हो रहा अभियान: अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब समाज स्वयं आगे बढ़कर इसकी जिम्मेदारी उठा रहा है। अलग-अलग समूहों द्वारा एक ही दिन विभिन्न स्थानों पर सफाई अभियान चलाया जाना इस बात का प्रमाण है कि सरस्वतिया नदी के संरक्षण का भाव अब जन-जन तक पहुंच रहा है। उन्होंने अभियान में सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों, संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही नदी को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेगा।

मेराल में भी जारी रहा अभियान: वहीं दूसरी ओर मेराल क्षेत्र में भी सरस्वतिया नदी की सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य पूर्व की भांति निरंतर जारी रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों के सहयोग से नदी के विभिन्न हिस्सों में सफाई कार्य किया गया। प्रशासन एवं समाज के संयुक्त प्रयास से मेराल क्षेत्र में भी नदी पुनर्जीवन की दिशा में सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं।

मानसून से पहले अधिकतम कार्य पूरा करने का प्रयास: अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि मानसून को देखते हुए अभियान को निरंतर गति दी जा रही है। नदी में जलभराव शुरू होने से पहले अधिकतम डी-सिल्टिंग एवं सफाई कार्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वर्षा ऋतु में जल प्रवाह सुचारू बना रहे और लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नदी में कचरा एवं अपशिष्ट पदार्थ न फेंकें तथा सरस्वतिया नदी को स्वच्छ, अविरल और जीवंत बनाने के इस जनअभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

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