मुहर्रम जुलूस में डीजे नहीं बजाने पर बनी आम राय, विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर आये सुझाव
मोहर्रम के दौरान सुरक्षा, सुविधा और सौहार्द हेतु प्रशासन रहेगा तत्पर : एसडीएम
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सदास्मृत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम “कॉफी विद एसडीएम” के तहत बुधवार को अनुमंडल कार्यालय सभागार में मुहर्रम कमेटियों एवं मुस्लिम समाज के जिम्मेदार प्रतिनिधियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न मुहर्रम अखाड़ों एवं समितियों के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित मुस्लिम समाज के सामाजिक कार्यकर्ता एवं विभिन्न मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
मुहर्रम की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं पर हुई चर्चा: संवाद के दौरान आगामी मुहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने मुहर्रम जुलूस के दौरान यातायात नियंत्रण, विधि-व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर अपने सुझाव रखे। कई प्रतिभागियों ने करबला मैदान से अवैध झुग्गी-झोपड़ियों को हटाने सहित विभिन्न स्थानीय मुद्दों को भी उठाया।
सहभागिता एवं महत्वपूर्ण सुझाव: इस कॉफी संवाद कार्यक्रम में मुहर्रम इंतेजामिया कमेटी, अंजान शहीद हूर कमेटी, रहबर वेलफेयर सोसायटी, सुन्नत-ए-इस्लामिया, अंजुमन शान-ए-वतन, दाता कमेटी सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा अपने महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
मुहर्रम समितियों द्वारा जानकारी दी गई कि 23 जून की रात्रि में मिट्टी लेने जाने की रस्म अदा की जाएगी। वहीं 23 जून को ही अंजान शहीद हूर परिसर में भव्य कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके अलावा 25 जून की पूर्वाह्न में मुहर्रम जुलूस निकाला जाएगा, जबकि 26 जून को दोनों पहर जुलूस का आयोजन किया जाएगा।
प्रतिनिधियों ने इन कार्यक्रमों के दौरान यातायात व्यवस्था, विधि-व्यवस्था, साफ-सफाई तथा बड़े वाहनों के परिचालन पर अस्थायी रोक से संबंधित विभिन्न सुझाव दिए। करबला मैदान में बनने वाले टावर पर पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की मांग भी उठाई गई। ग्रामीण क्षेत्र की समितियों ने भी अपनी बात रखी। लालीमाटी मुहर्रम कमेटी के सदर शाह मोहम्मद अंसारी ने बताया कि उनके क्षेत्र में 16 गांवों के ताजियों की मिलनी होती है। उन्होंने नवोदय विद्यालय एवं नारायणपुर के बीच मुहर्रम जुलूस के दौरान कुछ समय के लिए बड़े वाहनों के परिचालन को रोकने का सुझाव दिया। वहीं चामा, ओखरगाड़ा आदि क्षेत्रों में मुहर्रम के दौरान समय-समय पर उत्पन्न होने वाली छोटी-मोटी तनावपूर्ण स्थितियों के संबंध में भी जानकारी साझा की गई। संवाद कार्यक्रम में मुख्य रूप से रहबर वेलफेयर सोसायटी के संरक्षक मासूम रजा खान, मुहर्रम इंतेजामिया कमेटी के सदर असरुद्दीन अंसारी, हूर कमेटी के अध्यक्ष इस्लाम अंसारी, झलुआ, अरंगी, छतरपुर, चिरोजिया संयुक्त कमेटी के सदर मुन्ना खान, अंजुमन शान-ए-वतन के अध्यक्ष अतहर अली, कल्याणपुर मुहर्रम कमेटी के सदर मकबूल खान, तसरार मुहर्रम कमेटी के सदर मास्टर तौहीद, समाजसेवी तनवीर आलम सहित करबला निगरानी समिति के सदस्यों ने अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में लगभग 60 लोग सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का संचालन हाफिज तबीब ने किया। धन्यवाद ज्ञापन मासूम खान ने किया।


एसडीएम को पगड़ी पहनाकर किया सम्मानित: कार्यक्रम में मुस्लिम समाज के तमाम गणमान्य नागरिकों एवं मोहर्रम कमेटियों के पदाधिकारियों ने एसडीएम के इस प्रयास की सराहना की कि मोहर्रम से पहले उन्होंने अखाड़े और कमेटियों को आमंत्रित कर पर्व को लेकर सुझाव मांगे। मोहर्रम इंतजामियां कमेटी तथा कर्बला निगरानी समिति ने अलग-अलग पगड़ी पहनाकर संजय कुमार को सम्मानित किया। एसडीएम संजय ने सभी को आश्वस्त किया कि मुहर्रम पर्व के दौरान प्रशासनिक स्तर से सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद रहेंगीं।
डीजे नहीं बजाने पर बनी आम सहमति: कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकांश समितियों एवं अखाड़ों के प्रतिनिधियों की सहमति से यह आम राय बनी कि मुहर्रम के जुलूस में डीजे का उपयोग नहीं किया जाएगा। प्रतिभागियों ने कहा कि मुहर्रम शोक एवं श्रद्धा का पर्व है तथा इसकी परंपराओं एवं गरिमा के अनुरूप ही आयोजन किया जाना चाहिए।
संवाद कार्यक्रम में उपस्थित समिति प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि वे मुहर्रम जुलूस के दौरान डीजे का प्रयोग न करें तथा प्रशासनिक एवं न्यायिक आदेशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि मुहर्रम का पर्व मातम और स्मरण का पर्व है, इसलिए इसमें डीजे पर नाच-गाना करना इसकी भावना के अनुरूप नहीं है।
सौहार्दपूर्ण आयोजन पर दिया गया जोर: एसडीएम ने सभी उपस्थित प्रतिनिधियों से आपसी समन्वय एवं सौहार्द बनाए रखते हुए पर्व मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित आयोजन के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगा तथा प्राप्त सुझावों पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ तथा प्रतिभागियों ने ऐसे संवाद कार्यक्रमों को प्रशासन एवं समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बताया।







