“आपन सरस्वतिया” अभियान का 24वां दिन

“आपन सरस्वतिया” अभियान का 24वां दिन

अभियान का द्वितीय चरण : अब जन-सहयोग के साथ प्रशासनिक सख्ती भी

बुधवार को नदी किनारे स्थित एक दर्जन अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर



सदास्मृत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा


गढ़वा : जनसहभागिता एवं प्रशासनिक सहयोग से संचालित “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत गुरुवार को लगातार 24वें दिन भी सरस्वतिया नदी की सफाई, डी-सिल्टिंग, चौड़ीकरण एवं अतिक्रमण मुक्ति का कार्य जारी रहा। आज गढ़वा शहर तथा मेराल क्षेत्र में कुल तीन अलग-अलग स्थानों पर नदी पुनर्जीवन से संबंधित कार्य किए गए।

तीन स्थानों पर चला नदी सफाई एवं चौड़ीकरण अभियान: गढ़वा शहर के विभिन्न नदी क्षेत्रों में जेसीबी मशीनों की सहायता से डी-सिल्टिंग, सफाई एवं चौड़ीकरण का कार्य किया गया। नदी के प्रवाह को बाधित कर रहे अवरोधों को हटाने के साथ-साथ जलधारा को उसके मूल स्वरूप में लाने का प्रयास किया गया। कई स्थानों पर वर्षों से जमा गाद, झाड़-झंखाड़ एवं कचरे को हटाकर नदी के बहाव क्षेत्र को व्यवस्थित किया गया।

एक दर्जन अतिक्रमणकारी संरचनाओं को जेसीबी से ढहाया गया: अभियान के दौरान प्रशासन ने नदी अतिक्रमण के विरुद्ध भी बड़ी कार्रवाई की। पूर्व में चिन्हित अतिक्रमण मामलों में से लगभग एक दर्जन अतिक्रमणकारियों द्वारा नदी भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। शहर के दिपुआ, नगवां और जोबरैया इलाके मे यह अतिक्रमण हटाओ अभियान अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के निर्देश पर सदर अंचलाधिकारी सफी आलम के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान में नगर परिषद के नगर प्रबंधक ओमकार यादव, अंचल अमीन, नगर परिषद के कर्मी तथा पुलिस बल की सक्रिय सहभागिता रही। प्रशासनिक टीम ने नदी क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए कई स्थायी एवं अस्थायी संरचनाओं को हटाया।

समाज के सहयोग से जारी है अभियान: बुधवार को मंगल भवन के पास चलाए गए नदी सफाई एवं डी-सिल्टिंग अभियान में गढ़वा शहर में काजू पटवा, अरविंद पटवा एवं चंदन केशरी आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनके सहयोग से अभियान के लिए जेसीबी मशीनों की व्यवस्था की गई, जिससे विभिन्न स्थानों पर कार्यों को गति मिली। अनुमंडल पदाधिकारी ने अभियान में सहयोग करने वाले सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरस्वतिया नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए समाज और प्रशासन दोनों की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर जनसहयोग से सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य चल रहा है, वहीं दूसरी ओर नदी भूमि पर किए गए अतिक्रमणों को भी चरणबद्ध तरीके से हटाया जा रहा है।

मेराल में भी जारी रहा जनअभियान: वहीं मेराल क्षेत्र में “आपन सरस्वतिया” अभियान के तहत लगातार 18वें दिन भी नदी सफाई, डी-सिल्टिंग एवं चौड़ीकरण का कार्य जारी रहा। बुधवार के अभियान के लिए दो जेसीबी मशीनें उपलब्ध कराई गईं, जिनमें एक मशीन अकलवानी के अजय विश्वकर्मा तथा दूसरी अनूप तिवारी उर्फ छोटू तिवारी के सहयोग से उपलब्ध कराई गई। इन मशीनों की सहायता से दो स्थानों क्रमश अकलवानी एवं कुंभी क्षेत्र में स्थित नदी में जमी गाद को हटाने, जल प्रवाह को सुचारू बनाने तथा नदी के मूल स्वरूप को पुनर्स्थापित करने की दिशा में कार्य किया गया। अभियान के निरीक्षण हेतु सदर एसडीएम संजय कुमार भी बुधवार सुबह मेराल पहुंचे। इस दौरान अंचलाधिकारी यशवंत नायक, प्रखंड प्रमुख दीपमाला कुमारी, समाजसेवी संजय भगत, डॉ. लालमोहन सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने नदी संरक्षण एवं स्वच्छता के इस जनअभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराते हुए इसे आगे भी निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

जनआंदोलन का रूप ले चुका है अभियान: अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि “आपन सरस्वतिया” अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। समाज के सहयोग से सरस्वतिया नदी को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि गढ़वा और मेराल दोनों क्षेत्रों में जिस प्रकार लोग स्वेच्छा से आगे आकर नदी संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वह जनसहभागिता आधारित विकास और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी भूमि पर अतिक्रमण एवं प्रदूषण फैलाने वालों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

Tags

About Author

Follow Us On Social Media