“आइये खुशियाँ बाँटें” : 40वें दिन प्रवासी मजदूर परिवारों के बीच राहत और अपनापन लेकर पहुंचे एसडीएम

“आइये खुशियाँ बाँटें” : 40वें दिन प्रवासी मजदूर परिवारों के बीच राहत और अपनापन लेकर पहुंचे एसडीएम

लगभग 200 गर्म कपड़े एवं अन्य वस्तुएं प्रदान की गईं



दिवंगत आशुतोष रंजन

प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, कांडी


गढ़वा : सामाजिक सरोकार और प्रशासनिक संवेदना से प्रेरित “आइये खुशियाँ बाँटें” अभियान अपने 40वें दिन भी मानवीय गर्माहट के साथ आगे बढ़ता रहा। गुरुवार को यह अभियान फरठिया के समीप रह रहे प्रवासी मजदूर परिवारों के बीच पहुँचा, जहाँ रोज़ी-रोटी की तलाश में दूर-दराज़ से आए परिवारों के बीच ठंड से बचाव व राहत स्वरूप ऊनी कपड़े, कंबल, चप्पल आदि सामग्री बाँटी गई।

अस्थायी झोपड़ियों और सीमित संसाधनों के बीच जीवन यापन कर रहे इन प्रवासी परिवारों के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उनकी आवश्यकता के अनुसार स्वेटर, जैकेट, शॉल, कंबल,शर्ट, पैंट, जींस सहित लगभग 200 गर्म वस्त्र उपलब्ध कराए गए। गर्म कपड़े पहनते ही बच्चों की आँखों में चमक और बुजुर्गों के चेहरों पर आशीर्वाद का भाव साफ दिखाई दिया।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल वस्त्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक संवेदना, सम्मान और अपनापन पहुँचाने का एक निरंतर प्रयास है। कड़कड़ाती ठंड के इस चुनौती भरे मौसम में आज प्रवासी मजदूर परिवारों तक पहुँचकर उन्हें यह भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया कि भले ही बाहर से आये हैं किंतु इस गढ़वा में वे अकेले नहीं हैं, बल्कि उनकी सुध लेने के लिए यहां का समाज और प्रशासन भी है। अभियान से जुड़े सदस्यों ने कहा कि यह पहल प्रशासन और समाज के साझा प्रयास से संभव हो पा रही है, जहाँ सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों का सहयोग निरंतर मिल रहा है।

कार्यक्रम के समन्वयक सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार की देखरेख में चल रहा यह अभियान प्रतिदिन किसी न किसी वंचित बस्ती तक पहुँचकर मानवता की गर्माहट और खुशियाँ बाँटने का कार्य कर रहा है। संजय कुमार ने कहा कि यह सिर्फ उनकी सोच मात्र है बाकी इस नेक मुहिम को क्रियान्वित करने का कार्य यहां के स्थानीय लोग कर रहे हैं।

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Ashutosh Ranjan

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