राज्य विधवा विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित कर महिलाओं के लिए समाज में एक उकृष्ट सामाजिक परम्परा की शुरुआत

राज्य विधवा विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित कर महिलाओं के लिए समाज में एक उकृष्ट सामाजिक परम्परा की शुरुआत

दिवंगत आशुतोष रंजन

 

प्रियरंजन सिन्हा

बिंदास न्यूज, गढ़वा

 

गढ़वा : राज्य सरकार द्वारा विधवा पुनर्विवाह को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य विधवा विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित कर महिलाओं के लिए समाज में एक उकृष्ट सामाजिक परम्परा प्रवृत्त करने हेतु प्रतिबद्ध है। ताकि किशोरियों एवं महिलाओं के लिए एक सशक्त एवं प्रगतिशील समाज का निर्माण किया जा सके।

विधवाओं के आत्मबल में वृद्धि एवं प्रगति की ओर अग्रसर करने हेतु एक समावेशी एवं सशक्त सामाजिक परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना का कार्यान्वयन निम्न रूप से किया जाना है-

1. विधवा महिला को पुर्नविवाह पर दो लाख रूपये प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

2. लाभार्थी को प्रोत्साहन राशि उनके पुनर्विवाह के उपरांत उनके बचत खाते में PFMS/RTGS के माध्यम से प्रदान की जाएगी।

लाभार्थी हेतु पात्रता निम्नवत है-

लाभार्थी झारखण्ड राज्य के निवासी हो।

लाभार्थी की आयु विवाह योग्य हो (आयु गणना विवाह की तिथि आधारित होगी)।

सेवा प्राप्ति हेतु लाभार्थी के पति (पुनर्विवाहोत्तर संबंध से) का केन्द्र सरकार/राज्य सरकार / केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों / राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में स्थायी रूप से नियोजित अथवा  सेवानिवृत नहीं होना अथवा इन नियोजनकर्ता से पेंशन / पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले नहीं होना अथवा आयकर दाता नहीं होना आवश्यक होगा। इस संदर्भ में लाभार्थी द्वारा स्व घोषणा पत्र समर्पित किया जायेगा।

लाभार्थी के दिवंगत पति का मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध हो।

पुनर्विवाह के सदर्भ में विवाह निबंधन प्रमाण पत्र उपलब्ध हो।

लाभार्थी का UIDAI-आधार उपलब्ध हो।

पुनर्विवाह की तिथि से 01 (एक) वर्ष के अन्दर आवेदन समर्पित किया गया हो।

लाभ प्राप्ति हेतु आवेदन की प्रक्रिया निम्नवत होगी-

आवेदक संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी के कार्यालय में विहित प्रपत्र में आवेदन समर्पित करेंगे, जिसके साथ निम्न प्रमाण पत्रों की स्व-अभिप्रमाणित प्रतियां संलग्न करना आवश्यक होगी।

झारखंड राज्य के निवासी संबंधी वैध प्रमाण पत्र यथा-निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड आदि।

आयु संबंधी वैध प्रमाण पत्र (जिसमें माह, दिवस एवं वर्ष का स्पष्ट अंकण हो)। 

पुनर्विवाह के संदर्भ में विवाह निबंधन प्रमाण पत्र।

नए दोनों दम्पत्ति का आधार कार्ड।

दहेज नहीं देने संबंधी घोषणा प्रमाण पत्र (मूल प्रति में)।

दिवंगत पति का मृत्यु प्रमाण पत्र। (स्व-अभिप्रमाणित प्रति)

लाभार्थी का बचत खाता। (लाभार्थी के नाम से एकल खाता की प्रति)

कंडिका-3. (ब) के आलोक में स्व-घोषणा पत्र। (मूल प्रति में)

कंडिका-3. (ह) के आलोक में स्व-घोषणा पत्र। (मूल प्रति में)

नोटः- योग्य लाभार्थी संबंधित प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय में आवेदन समर्पित करने हेतु संपर्क करेंगे।

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Ashutosh Ranjan

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