‘कॉफी विद एसडीएम’ में दिहाड़ी कामगारों की सुनी गई समस्याएं, मौके पर पंजीकरण व लेबर कार्ड वितरण
आदर और सम्मान के हकदार हैं हमारे मजदूर भाई बहन : एसडीएम
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दिवंगत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम “कॉफी विद एसडीएम” के तहत गुरुवार को मजदूर दिवस की पूर्व संध्या पर विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक स्थानीय दैनिक श्रमिकों ने भाग लिया, जिनमें महिला कामगारों की संख्या अधिक रही।
श्रमिक योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी: कार्यक्रम के दौरान सभी श्रमिकों को झारखंड सरकार द्वारा संचालित श्रमिक कल्याण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। एसडीएम ने सभी श्रमिकों से अपील की कि वे अपने राज्य से दूसरे राज्य में कार्य करने जाने से पूर्व अनिवार्य रूप से श्रमाधान पोर्टल पर निबंधन कराएं। उन्होंने बताया कि श्रमिक स्वयं इस पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं या किसी प्रज्ञा केंद्र/साईबर कैफे में अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर एवं बैंक खाता लेकर बायोमेट्रिक विवरणी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि श्रमाधान पोर्टल पर निबंधन कराने के बाद श्रमिकों को प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना, अंगभंग आदि की स्थिति में सीधे आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त सेफ्टी किट योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, पुत्र-पुत्रियों के लिए छात्रवृत्ति योजना, चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना, चिकित्सा सहायता योजना, मातृत्व सुविधा योजना, विवाह सहायता योजना, अंत्येष्टि सहायता योजना, पेंशन योजना (निःशक्त पेंशन, पारिवारिक पेंशन, अनाथ पेंशन) आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
मौके पर पंजीकरण व लेबर कार्ड वितरण: इस अवसर पर 15 श्रमिकों को मौके पर ही लेबर कार्ड उपलब्ध कराए गए। वहीं श्रम विभाग के कर्मियों की मदद से 10 नए श्रमिकों का मौके पर ही निबंधन भी कराया गया। इस कॉफी संवाद के दौरान उपस्थित श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी डब्लू कुमार ने भी सभी कामगारों को श्रम विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में कुल 50 से अधिक श्रमिक मौजूद थे।
श्रमिकों ने रखीं अपनी समस्याएं: संवाद के दौरान श्रमिकों ने अपनी निजी समस्याएं भी एसडीएम केसमक्ष रखीं। महुलिया की प्रमिला देवी ने बताया कि उनका कच्चा मकान है और वे कई बार आवास योजना में आवेदन कर चुकी हैं। लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला। इसी प्रकार ओबरा की नीता देवी एवं बघमनवा की सीमा देवी ने भी आवास से संबंधित समस्या रखी। छतरपुर पंचायत के रविकांत भारती ने बताया कि वे 2 वर्ष पूर्व कार्य के दौरान गिर गए थे। जिससे वे एक पैर से निःशक्त हो गए हैं। इस पर उन्हें ₹10,000 की एकमुश्त सहायता तथा प्रति माह ₹1,000 पेंशन के प्रावधान की जानकारी दी गई। साथ ही आवेदन की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। बघौता की अनीता देवी ने बताया कि उनके पति असंगठित मजदूर हैं तथा उनकी दोनों बच्चियों के स्कूल नामांकन में मदद की आवश्यकता है। इसी प्रकार महिला श्रमिक किरण कुमारी ने अपनी बेटी का प्रवेश रमकंडा आवासीय विद्यालय में कराने में सहयोग की मांग की। उन्हें नामांकन प्रक्रिया के बारे में बताया गया। वहीं बघमनवा निवासी सुखनी देवी ने बताया कि वे नामधारी कॉलेज के पीछे रहती हैं और उनका चापाकल खराब हो गया है। जिससे उन्हें पानी की विकट समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस पर संबंधित विभाग को सूचना देते हुये त्वरित कार्रवाई के लिए बोला गया।
बिचौलियों से सावधान रहने की अपील: कुछ श्रमिकों ने यह भी बताया कि श्रम विभाग में बिचौलिये हावी हैं और वे श्रमिकों को मिलने वाली डीबीटी राशि में कमीशनखोरी करते हैं। इस पर एसडीएम ने सभी से तथ्यों के साथ लिखित रूप में शिकायत करने का सुझाव दिया तथा कहा कि वे किसी भी बिचौलिये के चक्कर में न पड़ें और स्वयं जागरूक बनें। एसडीएम ने सभी मजदूरों को अपना मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया और कहा कि यदि कोई भी उनसे पैसा मांगता है तो वे सीधा उन्हें फोन करें।
अंग वस्त्र देकर किया गया सम्मानित: एसडीएम ने मौके पर आए सभी पुरुष श्रमिकों को गमछा और महिला श्रमिकों को स्टॉल प्रदान कर सम्मानित किया। वहीं श्रमिकों के साथ आए उनके छोटे बच्चों को चप्पल, जूते आदि उपलब्ध कराए गए।
मजदूरों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है: अंत में एसडीएम ने सभी को अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित करते हुए कहा कि मजदूरों का सम्मान करना उन पर कोई एहसान करना नहीं है। बल्कि यह तो समाज का दायित्व है। वैसे भी किसी विकास योजना के सबसे पहले और प्रमुख भागीदार हमारे श्रमिक भाई बहन ही होते हैं। इसलिए वे सच्चे आदर और प्रेम के हकदार हैं।









