युवा सुयश के हाथ आया गढ़वा भाजमो का कमान


आशुतोष रंजन
गढ़वा

ऐसा माना जाता है की जीवन के किसी भी क्षेत्र में आप तब सफ़ल हो सकते हैं जब आपका कोई मार्गदर्शक हो,अगर आप ख़ुद को तुक्ष एवं किसी भी जानकारी से पूरी तरह अनभिज्ञ बताते हुए किसी को अपना मार्गदर्शक मान लें और उसी के सलाहियत कोई भी काम करें तो सफ़लता निश्चित रूप से मिलेगी,ऐसे में बात अगर हम राजनीति क्षेत्र की करें तो यहां तो और ज़रूरी होता है किसी जानकार के साथ होना,तभी जा कर राजनीतिक ज्ञान हासिल करने के साथ साथ उसमें पारंगत हो सकते हैं,तभी तो नीति के एक बड़े जानकार के साथ गढ़वा के एक युवक ने अपनी राजनीति की शुरुआत की है।

इन जिलों में भाजमो ने किया जिलाध्यक्ष नियुक्त : – भारतीय जनतंत्र मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष धर्मेद्र तिवारी द्वारा पार्टी के गढ़वा जिलाध्यक्ष के रूप में सुयश पाण्डेय की नियुक्ति की गई केंद्रीय अध्यक्ष ने संगठन विस्तार के लिए गढ़वा,पलामू,रांची एवं रामगढ़ जिले में जिला अध्यक्षों का चयन किया।

चंद्रगुप्त बनेंगे सुयश: – जिलाध्यक्ष सुयश पांडेय ने बताया की पार्टी के संरक्षक एवं जमशेदपुर पूर्वी से विधायक सरयू राय के नेतृत्व में पार्टी भय,भुख एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाते हुए जनता की इन तीनों समस्याओं से निजात दिलाने के अपने मुख्य उद्देश्य पर काम करेगी,कहा की सरयू राय के मार्गदर्शन में वे पूरी निष्ठा के साथ भारतीय जनतंत्र मोर्चा के बैनर तले अपने राजनीतिक गतिविधियों का संचालन करेंगे,साथ ही साथ यह भी कहा की आनेवाले समय में गढ़वा जिले में पार्टी का विस्तार किया जाएगा एवं समाज हित की सोच रखने वाले लोगों को पार्टी में शामिल कराते हुए उन्हें नई जिमेवारी भी सौंपी जाएगी,पार्टी की विचारधारा एवं चुनावी उद्देश्य पर बात करते हुए जिलाध्यक्ष सुयश ने कहा की आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनतंत्र मोर्चा कई सीटों पर चुनाव लडेगी,जिस तरह से सरयू राय को जनता का विश्वास प्राप्त है एवं जनाधार खुल कर उनका साथ दे रही है,इससे यह साफ प्रतीत होता है की झारखंड के लोगों को सही और गलत में फर्क बिल्कुल साफ नजर आ चुका है,कहा की गढ़वा जिले के साथ साथ यह पार्टी राज्यभर में युवाओं,महिलाओं,गरीबों, किसानों,आदिवासियों सहित राज्य के अंतिम व्यक्ति के हित में कार्य करने को लेकर अनवरत अग्रसर है,बस ज़रूरत है सभी के सहयोग और आशीर्वाद की ताकि पार्टी का जो लक्ष्य है उसे हासिल करते हुए आवाम हित में बेहतर कार्य करते हुए दशकों से लोगों के मुरझाए चेहरों पर खुशी लौटाई जा सके,बस अध्यक्ष के इसी सोच को देखते हुए ही हमने कहा की राजनीति के चाणक्य के मार्गदर्शन में चंद्रगुप्त बनेंगे सुयश।