कांडी प्रखंड प्रमुख के लिए 5वीं बार बिछ गई बिसात

कांडी प्रखंड प्रमुख के लिए 5वीं बार बिछ गई बिसात

13 सदस्य भूमिगत पर फैसले पर छाई है धूंध, मुकाबला कड़ा

32 घंटे बाद कांडी का 5वां प्रमुख होगा सामने

दिवंगत आशुतोष रंजन

 

प्रियरंजन सिन्हा

बिंदास न्यूज, गढ़वा

गढ़वा : झारखंड में संपन्न पंचायती राज की तीसरी चुनावी अवधि के बीच पांचवें प्रमुख का चुनाव सोमवार को संपन्न होगा। लिहाजा इस चुनाव की क्षेत्र में जोरदार चर्चा हो रही है। इस चर्चा का पटाक्षेप सोमवार को दोपहर बाद हो जाएगा। 32 वर्षों के बाद वर्ष 2010 में पंचायती राज कानून लागू होने के पश्चात राज्य में पहला आम चुनाव कराया गया था। उस वक्त खुटहेरिया पंचायत की पंचायत समिति सदस्य सीता देवी बतौर प्रमुख निर्वाचित हुई थीं। सीता देवी ने 2010 से 2015 तक का कार्यकाल पूरा किया था। उसके बाद के दो चुनाव में प्रमुख पद के लिए लगातार रस्साकशी होती रही है। दो चुनाव में यह चौथा प्रमुख का चुनाव होने जा रहा है। वैसे तो दैनिक भास्कर से बात करते हुए पूर्व प्रमुख सत्येंद्र कुमार पांडेय उर्फ पिंकू पांडेय ने निर्विरोध निर्वाचित होने का मजबूती से दावा किया है। लेकिन सूत्रों की मानें तो प्रमुख पद के लिए इस बार भी कड़ा संघर्ष होने वाला है। वैसे एक पक्ष 13 पंचायत समिति सदस्यों के साथ भूमिगत होकर अपने चुनाव के लिए निश्चिंत नजर आ रहा है। लेकिन दूसरा पक्ष उससे भी ज्यादा निश्चिंत होकर चुनाव जीतने का दावा दृढ़ता के साथ करता नजर आ रहा है। ऐसी स्थिति में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार वास्तव में ऊंट किस करवट बैठता है। हालांकि कांडी प्रमुख का चुनाव गिव एंड टेक के लिए मशहूर रहा है। इस बार भी इससे इनकार नहीं किया जा सकता। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पंचायत समिति सदस्य ने कहा कि आखिर हम लोग करें भी तो क्या करें। प्रखंड पंचायत कमेटी के लिए निर्वाचित होने के बाद भी उन्हें कोई लाभ है और ना उनकी कोई भूमिका है। ऐसी स्थिति में बार-बार चुनाव होने से कुछ प्राप्त हो जाता है तो अकाल ग्रस्त व्यक्ति के लिए कोई बुरा नहीं है। उक्त व्यक्ति ने दैनिक भास्कर से कहा कि पंचायत की सिनेरियो में देखा जाए तो पंचायत समिति सदस्य वार्ड सदस्य से भी गया गुजरा है। वार्ड सदस्य को भी मुखिया योजना में छोटी मोटी हिस्सेदारी दिया करते हैं। लेकिन पंचायत समिति सदस्यों की आमतौर पर कहीं पूछ नहीं है। इस बार के चुनाव में भी कुछ सदस्य डायरेक्ट मतदान कक्ष में ही अवतरित होंगे। जबकि कुछ सदस्य क्षेत्र में हैं। यदि आने वाले 40 घंटे में विशेष कुछ नहीं हुआ तो वह आसानी से मतदान केंद्र तक पहुंच जाएंगे। लेकिन कौन सदस्य क्या करेगा इसका जरा सा भी अनुमान लगाना मुश्किल है। कई लोगों के अनुसार  निर्णय स्पष्ट है। लेकिन भीतर घात से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उस स्थिति में फैसला क्या होगा कोई नहीं बता सकता। कुल मिलाकर मुकाबला कड़ा होने वाला है। अभी तक की स्थिति के अनुसार दो व्यक्तियों में सीधा संघर्ष होगा। लेकिन अंतिम क्षणों में वोट बंटवाने के लिए कोई और मैदान में आ जाए तो उससे भी इनकार नहीं किया जा सकता। वैसे मतदान के दिन सोमवार को प्रखंड कार्यालय कांडी एवं आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। इस बाबत इस चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर सदर एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि एकदम स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरी चुस्त दुरुस्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

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Ashutosh Ranjan

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