पलामू में हथिनी की चोरी की कहानी!

पलामू में हथिनी की चोरी की कहानी!

पुलिस ने किए चौंकाने वाले खुलासे


दिवंगत आशुतोष रंजन

 

प्रियरंजन सिन्हा

बिंदास न्यूज, गढ़वा

 

डालटनगंज : सितंबर 2025 में पलामू के मेदिनीनगर सदर थाना में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के निवासी नरेंद्र कुमार शुक्ला ने अपनी हथिनी की चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने दावा किया कि हथिनी की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। शिकायत के अनुसार, 11 अगस्त 2025 को चारे की कमी के कारण वे हथिनी को लेकर पलामू पहुंचे थे। यहां उन्होंने महावत के भरोसे हथिनी छोड़ दी। 13 अगस्त को लौटने पर हथिनी गायब मिली। काफी खोजबीन के बाद भी न मिलने पर उन्होंने 12 सितंबर को सदर थाने में FIR दर्ज कराई। 

पुलिस जांच और चौंकाने वाले खुलासे: पलामू पुलिस ने मामले की गहन जांच की और तकनीकी सूत्रों के आधार पर हथिनी को बिहार के छपरा जिले में गोरख सिंह के पास से बरामद कर लिया। फिलहाल हथिनी गोरख सिंह के पास ही जिम्मेनामा पर है। जांच के दौरान पुलिस को कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पता चला कि हथिनी की कोई चोरी नहीं हुई थी। बल्कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी का मामला था। नरेंद्र कुमार शुक्ला असल में हथिनी के मालिक नहीं थे। बल्कि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर के संगम राज तिवारी के हथिनी के देखभालकर्ता थे। 

जांच में सामने आया कि शुक्ला ने संगम राज तिवारी के बेटे के साथ एक एग्रीमेंट दिखाया, लेकिन यह एग्रीमेंट 26 सितंबर को तैयार किया गया था, जो घटना की तारीख 13 सितंबर से बाद का है। पुलिस ने कई बार शुक्ला को पूछताछ के लिए बुलाया। लेकिन वे हाजिर नहीं हुए। मेदिनीनगर सदर थाना प्रभारी लाल जी ने बताया कि शिकायतकर्ता सिर्फ हथिनी की देखभाल करता था और बाद में लालच में आकर झूठी चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उत्तर प्रदेश में भी इस मामले से जुड़ा अलग से एफआईआर दर्ज हुआ है। 

पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामला अब सिविल प्रकृति का है और हथिनी के असली स्वामित्व का फैसला अदालत में होगा। यह घटना झारखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच जुड़ी हुई है और हाथी से संबंधित विवादों की जटिलता को उजागर करती है।

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Ashutosh Ranjan

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