वहीं वृंदावन के कलाकारों ने मनमोहक झांकियां निकालीं
महायज्ञ में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
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दिवंगत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन सिन्हा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : गढ़वा के ग्राम जोबरईया के बंडा पहाड़ स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का तीसरा दिन भगवान शंकर के रुद्राभिषेक से प्रारंभ हुआ। पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार संध्या काल में पावन श्री राम कथा में अयोध्या धाम से पधारे हुए परम पूज्य आचार्य पंकज शांडिल्य जी महाराज ने कथा के तृतीय दिवस में भगवान के पावन जन्म की कथा प्रस्तुत की। व्यास जी ने कहा कि जब-जब धरती कपर अत्याचार पापाचार बढ़ता है। दुष्ट आतताइयों का आतंक बढ़ता है प्रभु विभिन्न स्वरूपों में आकर के राक्षसों का विनाश कर धरती के भार को हल्का करते हैं। परमात्मा निराकार है लेकिन भक्त की भावना के अनुसार समय-समय पर सगुण साकार रूप धरकर इस धरती पर आते हैं। भगवान को धरती पर आने के कई कारण हैं। मानस में गोस्वामी जी ने लिखा है विप्र, धेनु, सुर, संत हित लीन्ह मनुज अवतारl कार्यक्रम में संगीतमय प्रस्तुतीकरण हेतु साथ दे रहे संगीतकारों ने अपने गीत के माध्यम से श्रोताओं का मन मोह लिया। कथा के अंत में वृंदावन से पधारे हुए कलाकारों के द्वारा सुंदर झांकियां प्रस्तुत की गईं। जिसमें राजा दशरथ और महारानी कौशल्या के साथ बाल सखाओं की टोली की प्रस्तुतीकरण ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। महायज्ञ के यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य जी महाराज जी ने कथा व्यास के प्रस्तुतीकरण की प्रशंसाप करते हुए कहा कि व्यास जी एक उद्भट्ट विद्वान हैं। कथा कहने की इनकी संगीतमय शैली काफी रोचक है। वहीं झांकियां भी काफी मनोहारी हैं। प्रधान संयोजक राकेश पाल ने कहा कि यह महायज्ञ इस धरा धाम को पवित्र करने वाला है। इस क्षेत्र के लिए परम सौभाग्य की बात है कि यहां नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का आयोजन हो रहा है।
श्री रुद्र महायज्ञ के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने अपने सभी सदस्यों को काफी सजग होकर भक्तों की सभी आवश्यक सुविधाओं के प्रति सचेत रहने का सुझाव दिया। संपूर्ण कथा के दौरान आज के अतिथि के रूप में गढ़वा प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी नरेंद्र नारायण, प्रमुख समाजसेवी पिंटू केसरी, विजय केसरी कथा मंडपम में विशेष रूप से उपस्थित थे।







