गर्म कपड़ों का इकट्ठा होना लगातार जारी, कल से वितरण होगा आरंभ
जो सक्षम हैं वे अपने इर्द-गिर्द के जरूरतमंदों की मदद करें : एसडीएम
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दिवंगत आशुतोष रंजन
प्रियरंजन गढ़वा
बिंदास न्यूज, गढ़वा
गढ़वा : प्रशासनिक सामाजिक सहयोग से सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार द्वारा शुरू की गई पहल “आइये खुशियां बांटें” अभियान में स्वैच्छिक सहयोगियों का जुड़ना जारी है। इस अभियान के तहत सामूहिक सहयोग से जरूरतमंद लोगों तक जरूरत की वस्तुएं पहुंचाने की कार्य योजना है। चूंकि अभी जाड़े का मौसम चल रहा है इसलिए इस अभियान के तहत अगले 3 महीने तक गर्म कपड़े बांटे जाने हैं। एसडीएम की अपील पर लगातार रोज नए सहयोगी एवं दानदाता लोग इस अभियान से जुड़ रहे हैं। शनिवार को लगभग 2000 से अधिक नए वस्त्र जमा किए गए। उक्त सामग्री साबिर वस्त्रालय, माही हैंडलूम, सलीम वस्त्रालय और प्रभु जी वस्त्रालय के सहयोग से प्राप्त हुई है। इनमें एक वर्ष के बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्गों तक के लिए स्वेटर, जैकेट, मोजा, टोपी आदि शामिल हैं। एसडीएम ने कहा कि हम सभी लोग अपने दैनिक जिम्मेदारियों को निभाते हैं और अपने-अपने गांव में व्यस्त रहते हैं। अक्सर व्यस्तता में हम लोग भूल जाते हैं कि हमारे आसपास कई जरूरतमंद लोग हैं और किसी कारण से वे परेशानी से जूझ भी रहे हैं। ऐसी स्थिति में हमारा थोड़ा सा भी सहयोग उनकी आंखों में खुशियां ला सकता है। इसलिए समाज के सभी सक्षम लोग अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को मदद के लिए हाथ ज़रूर बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि “आइए खुशियां बांटें” अभियान के तहत जरूरी नहीं कि आप कोई वस्तु जमा ही करायें, आप सीधे अपने आसपास के जरूरतमंद तक यथाशक्ति सहायता पहुंचा सकते हैं। इस मुहिम से ऐसे लोग भी जुड़ सकते हैं जो आर्थिक रूप से या किसी वस्तु के दान के रूप में सहयोग नहीं कर सकते हैं। किंतु इस मुहिम के तहत इकट्ठे हुए स्टॉक से कपड़े आदि प्राप्त कर जरूरतमंदों तक पहुंचाने के काम में अपना श्रमदान कर सकते हैं। तो ऐसे लोग भी इस अभियान से जरूर जुड़ें। उन्होंने कहा कि खुशियां देने का यह सिलसिला सिर्फ गर्म कपड़ों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। बल्कि इसमें कॉपी, किताब, चिकित्सा उपकरण, व्हीलचेयर, चश्मा, जूता-चप्पल आदि जैसी वस्तुओं के रूप में भी सहयोग किये जा सकते हैं। एसडीएम में बताया कि इस अभियान के तहत नये ऊनी वस्त्र-वितरण की शुरुआत कल रविवार से की जा रही है। इस दौरान उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता लोग भी मौजूद रहेंगे।







